दिल्ली में 1 नवंबर को कांग्रेस की महारैली, रामलीला मैदान में जुटेंगे विपक्षी नेता; ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत होगा शक्ति प्रदर्शन
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, नई दिल्ली • 24/10/2026, 3:41:12 am
नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी आगामी 1 नवंबर 2026 को दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में विशाल रैली आयोजित करने की तैयारियों में जुटी है। ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत होने वाली इस रैली में देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों के नेताओं के शामिल होने की संभावना है। पार्टी इसे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार तथा निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपने अभियान को आगे बढ़ाने के महत्वपूर्ण कार्यक्रम के रूप में देख रही है।
कांग्रेस की ओर से इस रैली में बड़ी संख्या में लोगों को जुटाने की तैयारी की जा रही है। कुछ रिपोर्टों में पांच लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य बताया गया है, जबकि पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल के हालिया बयान के अनुसार, रैली से जुड़े ‘दिल्ली चलो मार्च’ में करीब 10 लाख लोगों की भागीदारी की अपेक्षा जताई गई है। ये पार्टी के घोषित लक्ष्य और अनुमान हैं, वास्तविक संख्या का पता कार्यक्रम के बाद ही चलेगा।
‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत रैली
कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं। कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव से जोड़कर उठा रही है।
पार्टी की योजना है कि रैली के माध्यम से इन सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया जाए और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को भी प्रमुखता से सामने रखा जाए। हालांकि, मतदाता सूची में अनियमितताओं से संबंधित आरोपों पर निर्वाचन आयोग का पक्ष और संबंधित आधिकारिक आंकड़े भी महत्वपूर्ण होंगे।
दिल्ली पुलिस से मिली रैली की अनुमति
दिल्ली पुलिस ने 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने के लिए कांग्रेस को अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) जारी कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, आयोजन के लिए मैदान की उपलब्धता 25 अक्टूबर से 3 नवंबर तक सुनिश्चित की गई है।
पुलिस ने कहा है कि रैली के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने, यातायात प्रबंधन और कार्यक्रम को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए आयोजकों, यातायात पुलिस तथा अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जाएगा।
रामलीला मैदान दिल्ली में बड़े राजनीतिक आयोजनों और जनसभाओं का प्रमुख स्थल रहा है। ऐसे में कांग्रेस की इस रैली पर राजनीतिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
रैली के बाद मार्च निकालने की भी तैयारी
कांग्रेस की रणनीति केवल रामलीला मैदान में जनसभा आयोजित करने तक सीमित नहीं है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, पार्टी रैली के साथ मार्च निकालने की भी तैयारी कर रही है। ‘दिल्ली चलो मार्च’ को इस अभियान के समापन से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा के कांग्रेस नेताओं के साथ तैयारियों और लोगों की भागीदारी को लेकर चर्चा की है। कांग्रेस की योजना विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ताओं को दिल्ली पहुंचाने और अभियान को व्यापक स्वरूप देने की है।
रैली के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग जैसे मुद्दे पर चर्चा के लिए ‘मॉक पार्लियामेंट’ आयोजित करने की योजना की भी खबरें सामने आई हैं। इसके अलावा संसद भवन और निर्वाचन आयोग के कार्यालय की ओर मार्च निकालने की योजना भी रिपोर्टों में बताई गई है। मार्च के अंतिम स्वरूप और मार्ग के बारे में आधिकारिक पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
INDIA गठबंधन के नेताओं की भागीदारी पर नजर
यह रैली विपक्षी INDIA गठबंधन के साझा अभियान का हिस्सा है। कांग्रेस की ओर से गठबंधन के अन्य दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में रैली में विपक्षी दलों की भागीदारी और उनके नेताओं के संबोधन पर भी सबकी नजर रहेगी।
विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और चुनाव में EVM के इस्तेमाल जैसे विषयों को लेकर पहले भी सवाल उठाते रहे हैं। कांग्रेस की यह रैली इन्हीं मुद्दों पर विपक्षी एकजुटता प्रदर्शित करने का प्रयास मानी जा रही है।
रैली से क्या संदेश देना चाहती है कांग्रेस?
कांग्रेस इस आयोजन के माध्यम से मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अपने सवालों को व्यापक स्तर पर उठाना चाहती है। पार्टी की कोशिश है कि विभिन्न राज्यों से कार्यकर्ताओं की भागीदारी के जरिए अभियान को गति मिले और निर्वाचन आयोग पर उठाए जा रहे सवालों पर राष्ट्रीय बहस तेज हो।
अब सभी की नजरें 1 नवंबर को होने वाली रैली पर रहेंगी। वास्तविक रूप से कितने लोग इसमें शामिल होते हैं, INDIA गठबंधन के कितने दल भाग लेते हैं और रैली के बाद मार्च को लेकर क्या निर्णय होता है, यह कार्यक्रम के दिन स्पष्ट होगा।