यूपी में मिड-डे मील रसोइयों का मानदेय बढ़ा, अब हर महीने मिलेंगे 3,000 रुपये; अक्टूबर में आएगा बढ़ा हुआ भुगतान
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, लखनऊ • 17/10/2026, 8:45:15 pm
सितंबर 2026 से लागू होगी नई दर, केंद्र के 1,000 और राज्य सरकार के 2,000 रुपये मिलाकर मिलेगा मानदेय; साल में 10 महीने ही होगा भुगतान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में प्रधानमंत्री पोषण योजना (मिड-डे मील) के तहत बच्चों के लिए भोजन बनाने वाली रसोइयों के लिए राहत भरी खबर है। शासन के निर्देश पर रसोइयों का मासिक मानदेय 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। बढ़ी हुई दर सितंबर 2026 से लागू होगी, जबकि इसका भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश के निदेशक प्रेम रंजन सिंह ने 17 अक्टूबर 2026 को इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों और वित्त एवं लेखाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। पत्र में रसोइयों के खातों में बढ़ी हुई दर के अनुसार मानदेय समय से भेजने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देंगी 3,000 रुपये
जारी पत्र के मुताबिक, रसोइयों को मिलने वाले कुल 3,000 रुपये के मासिक मानदेय में केंद्र सरकार की ओर से 1,000 रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 2,000 रुपये दिए जाएंगे। राज्य सरकार अपने हिस्से के अतिरिक्त टॉप-अप के रूप में 2,000 रुपये उपलब्ध कराएगी।
इससे पहले रसोइयों को हर महीने 2,000 रुपये मानदेय मिलता था। नई व्यवस्था से उन्हें प्रतिमाह 1,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।
अक्टूबर में भुगतान, सितंबर से लागू होगी बढ़ी दर
प्राधिकरण के पत्र में स्पष्ट किया गया है कि बढ़ी हुई दर सितंबर 2026 से प्रभावी होगी और इसका भुगतान अक्टूबर 2026 में किया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि रसोइयों के खातों में निर्धारित दर के अनुसार धनराशि समय से भेजी जाए।
साल में 10 महीने मिलेगा मानदेय
निर्देशों के अनुसार, रसोइयों को साल में 10 महीने के लिए मानदेय दिया जाएगा। 3,000 रुपये प्रतिमाह की दर से एक रसोइये को सालभर में कुल 30,000 रुपये मिलेंगे। मानदेय में बढ़ोतरी से प्रदेश के सरकारी स्कूलों में काम करने वाली रसोइयों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
जिलों को समयबद्ध भुगतान के निर्देश
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण ने सभी जिलों के अधिकारियों को इस मामले को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रतिलिपि शासन के संबंधित अधिकारियों, जिलाधिकारियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी भेजी गई है।
आधिकारिक आदेश के अनुसार, मानदेय वृद्धि का लाभ सितंबर 2026 से देय होगा। जिलों में भुगतान की प्रक्रिया संबंधित अधिकारियों की ओर से पूरी की जानी है।