डीडीयू मंडल में मॉकड्रिल से परखी रेल हादसे से निपटने की तैयारी एनडीआरएफ के 60 जवानों समेत रेलवे, पुलिस, अग्निशमन व चिकित्सा विभाग की टीम ने किया संयुक्त अभ्यास
रत्नेश कुमार यादव • चंदौली, चंदौली • 17/10/2026, 9:44:51 pm
पीडीडीयू नगर (चंदौली)। रेल दुर्घटना जैसी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने की तैयारियों को परखने के लिए शुक्रवार को पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के यार्ड में मॉकड्रिल आयोजित की गई। रेलवे, एनडीआरएफ, जिला प्रशासन, पुलिस, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा और चिकित्सा विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव कार्य का अभ्यास किया।
मॉकड्रिल के दौरान गाड़ी संख्या 01450 दानापुर-पुणे विशेष ट्रेन के प्लेटफॉर्म संख्या आठ पर प्रवेश के दौरान एक यात्री कोच के पटरी से उतरने की काल्पनिक स्थिति बनाई गई। दोपहर करीब 12:04 बजे स्टेशन अधीक्षक की ओर से दुर्घटना की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सायरन बजाया गया और राहत एवं बचाव तंत्र सक्रिय कर दिया गया।
इसके बाद पीडीडीयू और गया से दुर्घटना राहत चिकित्सा यान (एआरएमई), दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) और क्रेन को रवाना किया गया। मौके पर पहुंची टीमों ने दुर्घटनाग्रस्त कोच में फंसे यात्रियों को बाहर निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने तथा उन्हें अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
एनडीआरएफ के जवानों ने कटर से कोच को काटकर अंदर प्रवेश किया और फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया। मॉकड्रिल में करीब 60 एनडीआरएफ जवानों सहित रेलवे के लगभग 100 कर्मचारी, 20 स्काउट्स एवं गाइड्स तथा पुलिस, अग्निशमन, नागरिक सुरक्षा और चिकित्सा विभाग की टीमें शामिल रहीं।
अभ्यास के दौरान दुर्घटनाग्रस्त कोच को ट्रैक से हटाने और रेल परिचालन बहाल करने की प्रक्रिया भी दोहराई गई। साथ ही आपातकालीन नियंत्रण कक्ष, सूचना प्रसारण व्यवस्था और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय की भी जांच की गई।
मंडल रेल प्रबंधक उदय सिंह मीना ने मॉकड्रिल का अवलोकन कर राहत संसाधनों और चिकित्सा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई और बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस तरह के अभ्यास से कर्मचारियों की सजगता बढ़ती है और वास्तविक दुर्घटना की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य को प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलती है।
अधिकारियों के अनुसार मॉकड्रिल पूरी तरह काल्पनिक थी। अभ्यास में 10 यात्रियों की मौत और पांच के घायल होने की स्थिति दर्शाई गई थी। इसका उद्देश्य किसी वास्तविक दुर्घटना की सूचना देना नहीं, बल्कि आपदा के समय रेलवे और संबंधित विभागों की तैयारियों को परखना था।