पटना में खरगे की टिप्पणी पर सियासी घमासान, अमित शाह बोले- कांग्रेस के पास अब सिर्फ गाली-गलौज की राजनीति बची
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, पटना • 25/10/2026, 10:19:43 pm
पटना। बिहार की राजधानी पटना में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई कथित विवादित टिप्पणी के बाद सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेताओं ने खरगे के बयान की आलोचना करते हुए इसे अमर्यादित और असंसदीय भाषा करार दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया दी।
अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पटना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर अभद्र टिप्पणी कर सारी मर्यादाएं तार-तार कर दी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पहले भी प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करती रही है।
अमित शाह ने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार अभद्रता की सीमाएं पार कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में लगातार चुनावी हार से पार्टी में हताशा और निराशा बढ़ी है तथा अब उसके पास न कोई नीति बची है और न ही कोई मुद्दा।
शाह ने यह भी कहा कि जब-जब प्रधानमंत्री मोदी या उनके परिवार को लेकर ऐसी टिप्पणियां की गई हैं, तब-तब जनता ने कांग्रेस को जवाब दिया है।
नितिन नबीन बोले- कांग्रेस का वैचारिक दिवालियापन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी खरगे की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने एक्स पर लिखा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति जिस प्रकार की अमर्यादित और असंसदीय भाषा का प्रयोग किया गया, वह कांग्रेस के वैचारिक दिवालियापन को दर्शाता है।
नबीन ने कहा कि राजनीतिक विरोध की भी एक गरिमा होती है। उनके मुताबिक, सार्वजनिक मंच से दिवंगत परिजनों को राजनीतिक भाषणों में शामिल करना विपक्ष की शिष्टाचारहीन सोच को दर्शाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब विपक्ष के पास विकास, नीतियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा के लिए ठोस मुद्दे नहीं होते, तो वह व्यक्तिगत आरोपों का सहारा लेता है।
बयान को लेकर बढ़ा राजनीतिक विवाद
मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी के बाद भाजपा नेताओं ने कांग्रेस की राजनीतिक भाषा और कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। इस घटनाक्रम ने भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग को और तेज कर दिया है।
हालांकि, खरगे की टिप्पणी का पूरा संदर्भ और कांग्रेस की ओर से इस विवाद पर आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट होगी।