महर्षि वाल्मीकि जयंती पर भक्ति के रंग में रंगा फरीदपुर, धूमधाम से निकली भव्य शोभायात्रा
आचार्य संजीव कुमार मिश्रा • बरेली, बरेली • 26/10/2026, 4:31:33 pm
बरेली/फरीदपुर भगवान महर्षि वाल्मीकि जी की पावन जयंती के अवसर पर सोमवार को फरीदपुर नगर श्रद्धा, भक्ति, उल्लास और आध्यात्मिक आस्था के मनोहारी रंगों में रंगा नजर आया। मोहल्ला ऊंचा स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर से भगवान महर्षि वाल्मीकि जी की भव्य शोभायात्रा पूरे धार्मिक उत्साह और धूमधाम के साथ निकाली गई। शोभायात्रा में उमड़े श्रद्धालुओं के जनसैलाब ने नगर की गलियों को भक्तिरस से सराबोर कर दिया। कहीं ढोल-नगाड़ों की गूंज सुनाई दी तो कहीं भक्ति गीतों की मधुर स्वर-लहरियां वातावरण को आध्यात्मिक बना रही थीं। आकर्षक धार्मिक झांकियों और महर्षि वाल्मीकि जी के जयघोष से पूरा फरीदपुर भक्तिमय दिखाई दिया।
महर्षि वाल्मीकि मंदिर समिति (रजि.) एवं महर्षि वाल्मीकि शोभा यात्रा संचालन समिति 2026 के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस भव्य शोभायात्रा का शुभारंभ परंपरानुसार दोपहर करीब एक बजे मोहल्ला ऊंचा स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर प्रांगण से हुआ। मंदिर समिति के अध्यक्ष बंटी चौधरी तथा शोभायात्रा संचालन समिति 2026 के अध्यक्ष पंकज चौधरी (सुमित) के नेतृत्व में निकली शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, समाजसेवियों, समिति पदाधिकारियों, महिलाओं, युवाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
शोभायात्रा के नगर के विभिन्न मार्गों से होकर आगे बढ़ने के साथ ही श्रद्धा का कारवां लगातार विस्तृत होता गया। मार्ग में जगह-जगह स्थानीय नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का आत्मीय एवं भव्य स्वागत किया। फूलों की वर्षा के बीच जब भगवान महर्षि वाल्मीकि जी के जयकारे गूंजे तो वातावरण में अद्भुत आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो उठा। श्रद्धालु भक्ति गीतों और भजनों पर भाव-विभोर होकर झूमते दिखाई दिए। धार्मिक झांकियों ने हर आयु वर्ग के लोगों का मन मोह लिया और शोभायात्रा की भव्यता में चार चांद लगा दिए।
शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के चेहरों पर आस्था की चमक और हृदय में महर्षि वाल्मीकि जी के प्रति श्रद्धा स्पष्ट दिखाई दे रही थी। नगर की गलियों से गुजरती शोभायात्रा ऐसा मनोहारी दृश्य प्रस्तुत कर रही थी, मानो फरीदपुर की धरती स्वयं भक्ति के दिव्य रंग में सज-संवर उठी हो। बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह रहा, वहीं महिलाओं एवं बुजुर्गों ने भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ धार्मिक आयोजन में सहभागिता की।
शोभायात्रा से पूर्व मां भगवती के जागरण में देर रात तक गूंजे भक्ति के स्वर
शोभायात्रा की आध्यात्मिक भव्यता से एक दिन पूर्व 25 अक्टूबर की रात्रि को मोहल्ला ऊंचा स्थित महर्षि वाल्मीकि मंदिर परिसर में मां भगवती का भव्य जागरण भी आयोजित किया गया। मंदिर समिति एवं शोभायात्रा संचालन समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित जागरण में मां भगवती की मनमोहक झांकियां प्रस्तुत की गईं। भक्ति गीतों और माता के जयकारों से मंदिर परिसर देर रात तक भक्तिरस में डूबा रहा।
जागरण के दौरान मां भगवती की भव्य आरती की गई, जिसमें शोभायात्रा अध्यक्ष पंकज चौधरी (सुमित), मंदिर समिति अध्यक्ष बंटी चौधरी एवं कानूनी सलाहकार एडवोकेट अमित तोमर सहित समिति के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने सहभागिता कर मां भगवती का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया।
समिति पदाधिकारियों और श्रद्धालुओं ने बढ़ाई आयोजन की शोभा
कार्यक्रम में धीरज वाल्मीकि एवं राजकुमार वाल्मीकि (उपाध्यक्ष), अरुण वाल्मीकि (महामंत्री), निखिल चौधरी (कोषाध्यक्ष), प्रियांशु चौधरी, शानि वाल्मीकि, प्रिंस चौधरी एवं सम्राट वाल्मीकि (मंत्री), कमल वाल्मीकि एवं गोपी वाल्मीकि (संगठन मंत्री), लकी चौधरी (प्रचार मंत्री), विपिन वाल्मीकि (नामित सभासद एवं संयोजक), गोपाल चौधरी (मीडिया प्रभारी) तथा एडवोकेट अमित तोमर (कानूनी सलाहकार)प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इसके अलावा विद्या देवी, एन.एल. आजाद (पूर्व कमांडेंट), गिरीश चन्द्र वाल्मीकि, रमेश चन्द्र वाल्मीकि, चन्द्रपाल वाल्मीकि, महेश चन्द्र वाल्मीकि, गंगाराम वाल्मीकि, सुखदेव वाल्मीकि, रामासरे वाल्मीकि, हरीओम चौधरी, सुखपाल वाल्मीकि, प्रमोद बलधारी एवं लाजर लाल वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु, समाजसेवी एवं स्थानीय नागरिकों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।
सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस टीम रही मुस्तैद
भव्य शोभायात्रा के दौरान सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क रहा। क्षेत्राधिकारी संदीप सिंह एवं प्रभारी निरीक्षक अमित पाण्डेय पुलिस टीम के साथ शोभायात्रा में मौजूद रहे और पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी। पुलिस की मौजूदगी में शोभायात्रा शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई।
महर्षि वाल्मीकि के जीवन से सत्य, ज्ञान और मानवता का संदेश
आयोजकों ने कहा कि भगवान महर्षि वाल्मीकि जी भारतीय संस्कृति, साहित्य, आध्यात्मिक चेतना और मानव मूल्यों के महान प्रेरणास्रोत हैं। उनके जीवन एवं कृतित्व से समाज को सत्य, सदाचार, ज्ञान, करुणा, प्रेम और मानवता की प्रेरणा मिलती है। उनके द्वारा रचित रामायण भारतीय संस्कृति की अमूल्य आध्यात्मिक एवं साहित्यिक धरोहर है, जिसने पीढ़ियों को मर्यादा, धर्म और आदर्श जीवन का मार्ग दिखाया है।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन केवल आस्था की अभिव्यक्ति नहीं होते, बल्कि समाज में प्रेम, भाईचारे, सामाजिक समरसता और एकता की भावना को भी मजबूत करते हैं। महर्षि वाल्मीकि जयंती का यह पावन अवसर समाज को उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने की प्रेरणा देता है।
शोभायात्रा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन पर समिति पदाधिकारियों ने सभी श्रद्धालुओं, क्षेत्रवासियों, समाजसेवियों, सहयोगकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की अपार सहभागिता और सहयोग के कारण यह धार्मिक आयोजन यादगार बन सका।
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर निकली यह भव्य शोभायात्रा फरीदपुर की धार्मिक एवं सामाजिक एकता की सुंदर तस्वीर बन गई। फूलों की सुगंध, भजनों की मधुरता, जयकारों की गूंज और श्रद्धालुओं की अटूट आस्था ने पूरे नगर को ऐसे आध्यात्मिक वातावरण में पिरो दिया, जहां हर हृदय में भक्ति की ज्योति और हर अधर पर “जय महर्षि वाल्मीकि” का जयघोष सुनाई देता रहा।