हरदोई: मतदाता सूची पुनरीक्षण के दौरान कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं से मारपीट का आरोप, पुलिस ने कहा- जांच जारी
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, हरदोई • 26/10/2026, 4:35:16 pm
मल्लावां (हरदोई)। मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के दौरान कांग्रेस के तीन युवा कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट और उन्हें बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय ने भाजपा विधायक के कार्यालय में कार्यकर्ताओं को करीब पांच घंटे तक बंद रखने, मारपीट करने और मोबाइल फोन छीनने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस ने मारपीट की घटना से इनकार करते हुए मामले की जांच जारी होने की बात कही है।
विधायक कार्यालय में बंद रखने का आरोप
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय के मुताबिक, आशिष यादव, शोभित मिश्रा और विनय दीक्षित मल्लावां ब्लॉक में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के तहत काम कर रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान उन्हें पकड़कर भाजपा विधायक के कार्यालय में बंद कर दिया गया और उनके साथ मारपीट की गई। बाद में देर शाम उन्हें मल्लावां कोतवाली लाया गया।
कांग्रेस की ओर से 24 अक्टूबर की रात करीब 10:30 बजे कोतवाली में शिकायत देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। शिकायत में अभय कुमार, रामू, ठेकेदार शैलेंद्र सिंह, यश समेत पांच अज्ञात लोगों के नाम दिए गए हैं।
मोबाइल लोकेशन और CCTV फुटेज की जांच की मांग
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने घटना के समय की मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने के साथ भाजपा विधायक कार्यालय तथा कोतवाली में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखकर जांच में शामिल करने का अनुरोध किया है।
कांग्रेस ने कथित पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण कराने और नामजद व अज्ञात आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की है।
पुलिस ने मारपीट से किया इनकार
मल्लावां के एसएचओ मनोज सिंह के अनुसार, कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कुछ लोगों के खिलाफ तहरीर दी थी, जिसमें पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट का आरोप लगाया गया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में मारपीट की कोई घटना नहीं हुई। एसएचओ के मुताबिक, कुछ लोगों को कथित तौर पर अपरिचित व्यक्तियों से वोट बनवाते देखा गया था। उनसे पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।
पुलिस ने बताया कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
विधायक और सीओ का पक्ष नहीं मिला
रिपोर्ट के अनुसार, मामले में बिलग्राम-मल्लावां विधायक आशिष सिंह आशू और सीओ बिलग्राम राम सूरज सोनकर से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन दोनों की ओर से कॉल रिसीव नहीं की गई।