हरदोई में धूमधाम से मनाई गई महर्षि वाल्मीकि जयंती, भव्य शोभायात्रा में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, हरदोई • 26/10/2026, 7:45:36 pm
हरदोई। जनपद में आदि कवि महर्षि वाल्मीकि की जयंती हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाई गई। इस अवसर पर शहर में भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जगह-जगह भंडारों का आयोजन हुआ और विभिन्न राजनीतिक दलों के कार्यालयों में भी महर्षि वाल्मीकि को नमन कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
महर्षि वाल्मीकि मंदिर आश्रम कमेटी एवं समस्त सेवादारों की ओर से रेलवेगंज स्थित मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। सोमवार दोपहर करीब 2:15 बजे शुरू हुई शोभायात्रा तिकुनिया पार्क, जिला अस्पताल रोड, सिनेमा चौराहा और बड़ा चौराहा होते हुए पूरे शहर में भ्रमण करती हुई रेलवेगंज में करीब 4:15 बजे संपन्न हुई।
शोभायात्रा में आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहीं। ढोल-नगाड़ों और बैंड-बाजे की गूंज के बीच श्रद्धालु महर्षि वाल्मीकि के संदेशों से जुड़ी झांकियों के साथ नृत्य करते और भक्ति में लीन नजर आए। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा में भाग लेकर सुख-समृद्धि की कामना की।
पुलिस लाइन के पास वाल्मीकि समाज के अशोक कुमार, राहुल वाल्मीकि, रेनू, शिवानु, तान्या और कोमल सहित अन्य सहयोगियों की ओर से भंडारे का आयोजन किया गया। यहां लोगों ने बूंदी का प्रसाद ग्रहण कर भगवान का आभार व्यक्त किया।
सपा और भाजपा कार्यालयों में भी मनाई गई जयंती
धार्मिक आयोजनों के साथ राजनीतिक दलों ने भी महर्षि वाल्मीकि जयंती मनाई। समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर निवर्तमान जिला उपाध्यक्ष अजय सिंह पाल की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष अजीत सिंह बब्बन और अन्य पदाधिकारियों ने महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को अपनाने का आह्वान
कार्यक्रमों के दौरान वक्ताओं ने महर्षि वाल्मीकि को संस्कृत का प्रथम विद्वान और रामायण का रचयिता बताते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि धर्म, सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने का महर्षि वाल्मीकि का संदेश आज भी मानवता के लिए प्रेरणास्रोत है।
हरदोई में आयोजित इन कार्यक्रमों ने आपसी सौहार्द, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक एकता का संदेश दिया।