फरीदपुर समाधान दिवस में फरियादों का उमड़ा सैलाब, 175 शिकायतों के बीच 10 को मिला मौके पर समाधान; अतिक्रमण, जर्जर सड़क, चकबंदी और दूषित पेयजल ने खोली विकास की तस्वीर
आचार्य संजीव कुमार मिश्रा • बरेली, बरेली • 18/10/2026, 11:55:32 am
बरेली की तहसील फरीदपुर में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जनसमस्याओं का ऐसा सिलसिला देखने को मिला, जिसमें क्षेत्रवासियों ने अपनी उम्मीदों और पीड़ाओं को प्रशासन के सामने खुलकर रखा। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 175 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 10 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समाधान दिवस आयोजित होने की सूचना के चलते तहसील परिसर में जिले से लेकर स्थानीय स्तर तक विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं उनके प्रतिनिधि समय से उपस्थित हो गए थे। जिलाधिकारी अविनाश सिंह कुछ विलंब से तहसील पहुंचे। उन्होंने बताया कि 17 अक्टूबर को मतदाता विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की प्रगति आख्या प्राप्त होने के कारण उन्हें पहुंचने में कुछ देरी हुई।
समाधान दिवस में पहुंचे फरियादियों की शिकायतों में कहीं वर्षों से लंबित समस्याओं की कसक दिखाई दी तो कहीं सड़क, नाली, पेयजल और विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों की बेचैनी सामने आई। प्रशासनिक अधिकारियों ने शिकायतकर्ताओं की बातें सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
अतिक्रमण से लेकर सड़क पर फर्राटा भरते वाहनों तक की चिंता
नगर के मुख्य मार्ग पर लगातार बढ़ते अतिक्रमण की समस्या को लेकर अधिवक्ता रविंद्र राठौर ने शिकायत दर्ज कराते हुए अतिक्रमण हटवाने की मांग की। उनका कहना था कि मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण के कारण आमजन को आवागमन में परेशानी होती है और यातायात व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
वहीं, ग्राम गौसगंज के ग्रामीणों ने नवनिर्मित नहर मार्ग पर तेज गति से दौड़ते वाहनों को लेकर चिंता जताई। ग्रामीणों ने बताया कि वाहनों की तेज रफ्तार के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। उन्होंने मार्ग पर आवश्यक स्थानों पर ब्रेकर बनवाने की मांग की, ताकि राहगीरों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
निर्माण सामग्री का भुगतान न होने की शिकायत
ग्राम पंचायत में विकास कार्यों से जुड़ी शिकायत भी समाधान दिवस में पहुंची। प्रेमनंदन पुत्र मंशीराम ने ग्राम पंचायत सचिव एवं ग्राम प्रधान पर उनके फार्म से निर्माण सामग्री खरीदे जाने के बाद 1 लाख 83 हजार रुपये का भुगतान न किए जाने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से मामले की जांच कराकर लंबित भुगतान दिलाए जाने की मांग की।
इसी प्रकार सितारगंज निवासी गंगासहाय ने चकबंदी विभाग के डाकवाहक पर परवाना गायब किए जाने की शिकायत दर्ज कराई और मामले में आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
एक साल से सफाईकर्मी का इंतजार, सरकारी नलकूप की गूल पर कब्जे का आरोप
ग्राम विकसवा में पिछले एक वर्ष से सफाईकर्मी की नियुक्ति न होने का मामला भी समाधान दिवस में प्रमुखता से उठा। ग्रामीणों ने गांव में स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने की बात कहते हुए तत्काल सफाईकर्मी की नियुक्ति की मांग की।
इसके अलावा कस्बा सराय स्थित राजकीय नलकूप विभाग की कीमती गूल पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत भी की गई। शिकायतकर्ता ने सरकारी संपत्ति को कब्जामुक्त कराने तथा मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की।
वर्षों से चकबंदी की प्रक्रिया, फिर भी किसानों के चकों की नहीं हुई माप
ग्राम गजनेरा के किसानों ने चकबंदी विभाग से जुड़ी अपनी पुरानी पीड़ा प्रशासन के सामने रखी। किसानों ने बताया कि क्षेत्र में कई वर्षों से चकबंदी प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब तक उनके चकों की माप नहीं की गई है। इससे किसानों के बीच असमंजस और परेशानी बनी हुई है। किसानों ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप कर चकों की माप की प्रक्रिया पूर्ण कराने की मांग की।
द्वारिकेश चीनी मिल के रासायनिक पानी से पेयजल दूषित होने का आरोप
बाकरगंज के पूर्व प्रधान ने द्वारिकेश चीनी मिल से निकलने वाले रासायनिक पदार्थों से युक्त पानी के कारण आसपास के कई गांवों में पेयजल दूषित होने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि यदि दूषित पानी का प्रभाव इसी तरह बना रहा तो ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करने तथा ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की।
जर्जर सड़क की अनदेखी पर ग्रामीणों में नाराजगी, प्राथमिकता से मरम्मत की मांग
समाधान दिवस में सड़क निर्माण और मरम्मत का मुद्दा भी ग्रामीणों की प्रमुख चिंताओं में शामिल रहा। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-30 से ग्राम निकसुआ तक सड़क की मरम्मत के लिए टेंडर जारी किया गया है, जबकि संबंधित मार्ग की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है।
इसके विपरीत ग्राम सैदापुर से शाहपुर बनियान के बीच की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। यह मार्ग केवल ग्रामीणों के आवागमन का साधन ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग भी है। इसके अलावा इसी रास्ते से चीनी मिल तक गन्ने की आपूर्ति भी की जाती है।
ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से मांग की कि सड़क की वास्तविक स्थिति, उसकी उपयोगिता और आमजन की परेशानी को ध्यान में रखते हुए जर्जर सैदापुर-शाहपुर बनियान मार्ग की मरम्मत को प्राथमिकता दी जाए, ताकि ग्रामीणों को आवागमन की कठिनाइयों से राहत मिल सके।
अधिकारियों ने गंभीरता से सुनीं फरियादें, समयबद्ध निस्तारण के निर्देश
संपूर्ण समाधान दिवस में जिलाधिकारी अविनाश सिंह, पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा, क्षेत्राधिकारी संदीप कुमार, उपजिलाधिकारी विदुषी सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी विश्राम सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
अधिकारियों ने एक-एक कर शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने शिकायतों के निस्तारण में औपचारिकता के बजाय उनकी वास्तविकता और जनहित को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
समाधान दिवस में आई शिकायतों ने एक ओर जहां ग्रामीणों और नगरवासियों की समस्याओं की तस्वीर प्रशासन के सामने रखी, वहीं दूसरी ओर यह उम्मीद भी जगाई कि शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई होने पर लंबे समय से समस्याओं का सामना कर रहे लोगों को राहत मिल सकेगी। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि समाधान दिवस में दर्ज हुईं शिकायतों का निस्तारण धरातल पर कितनी तेजी और संवेदनशीलता के साथ होता है।