सुरक्षित बचपन की ओर बढ़ा फरीदपुर का कदम, बच्चों को पॉक्सो कानून और अधिकारों की दी गई विस्तृत जानकारी
आचार्य संजीव कुमार मिश्रा • बरेली, बरेली • 28/10/2026, 12:05:07 am
बरेली फरीदपुर बच्चों के चेहरे पर मुस्कान, मन में सुरक्षा का विश्वास और भविष्य को संवारने की जिम्मेदारी—इसी भाव के साथ उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार संचालित ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के अंतर्गत मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को फरीदपुर के मोहल्ला शांति नगर स्थित रामकुमार मिश्रा मेमोरियल इंटर कॉलेज में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में सैकड़ों छात्र-छात्राओं, शिक्षकों, विद्यालय स्टाफ तथा थाना पुलिस के सदस्यों ने सहभागिता कर बाल सुरक्षा के संकल्प को मजबूत किया।
कार्यशाला का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बरेली के तत्वावधान में किया गया। इसके लिए सिविल जज (जूनियर डिवीजन) फरीदपुर सुनंदन गोयल, डिफेंस काउंसिल देवेश पांडेय एडवोकेट तथा पीएलबी अनिल गुप्ता को निर्देशित किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सिविल जज (जूनियर डिवीजन) फरीदपुर सुनंदन गोयल ने बच्चों से संवाद करते हुए सुरक्षित बचपन के महत्व को बेहद सरल और प्रभावी ढंग से समझाया।
उन्होंने बच्चों को यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो एक्ट), 2012 के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि कानून बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए बनाया गया है। उन्होंने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने, किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार अथवा शोषण की स्थिति में चुप न रहने तथा भरोसेमंद अभिभावक, शिक्षक अथवा संबंधित अधिकारियों को तत्काल जानकारी देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यशाला में बच्चों को यह भी समझाया गया कि उनकी सुरक्षा केवल परिवार या विद्यालय की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है। वक्ताओं ने बच्चों से कहा कि किसी भी परेशानी या भय की स्थिति में सहायता मांगने में संकोच नहीं करना चाहिए। जागरूकता ही बाल अपराधों के विरुद्ध सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।
पैनल अधिवक्ता देवेश पांडेय एडवोकेट ने भी बच्चों को विधिक अधिकारों तथा बाल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को कानून की उपयोगिता समझाते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने और सम्मान के साथ जीवन जीने का अधिकार है।
कार्यशाला के दौरान विद्यार्थियों को सहायता के लिए महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। बच्चों को नालसा हेल्पलाइन 15100, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 के बारे में बताया गया, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे समय रहते उचित सहायता प्राप्त कर सकें।
कार्यक्रम में विद्यालय प्रबंधक दिनेश मिश्रा एवं प्रधानाचार्य गोपाल मिश्रा के कुशल मार्गदर्शन में कार्यशाला का सुंदर एवं व्यवस्थित आयोजन किया गया। विद्यालय के शिक्षकों एवं अन्य स्टाफ ने भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता निभाई। थाना पुलिस की सहभागिता ने बच्चों में सुरक्षा और विश्वास की भावना को और मजबूत किया।
कार्यशाला का वातावरण पूरी तरह जागरूकता, संवाद और संवेदनशीलता से ओतप्रोत रहा। बच्चों ने बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों को गंभीरता से सुना और अपने अधिकारों के बारे में जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश भी दिया गया कि हर बचपन अनमोल है, हर बच्चे की सुरक्षा जरूरी है और किसी भी बच्चे के साथ होने वाला अपराध पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के माध्यम से आयोजित यह कार्यशाला फरीदपुर में बाल अधिकारों एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुई। कार्यक्रम ने बच्चों के मन में सुरक्षा का विश्वास जगाने के साथ-साथ विद्यालय और समाज को भी बाल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया।