संचारी रोग अभियान की समीक्षा: 166 गांवों और 837 घरों तक पहुंची निगरानी टीम, CDO ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, हरदोई • 28/10/2026, 12:10:57 am
हरदोई। जनपद में संचारी रोगों की रोकथाम और जनस्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चलाए जा रहे विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की समीक्षा विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में की गई। बैठक में अभियान की प्रगति का आकलन करते हुए संबंधित विभागों को निर्धारित लक्ष्यों को समय से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
166 गांवों और 837 घरों में हुई निगरानी
एक से 26 अक्टूबर तक अभियान के अंतर्गत कुल 166 गांवों और 837 घरों में डब्ल्यूएचओ तथा सरकारी अधिकारियों द्वारा निगरानी की गई। समीक्षा में बताया गया कि अभियान में शामिल विभागों की प्रगति राज्य के औसत से अधिक रही। हालांकि, जिन क्षेत्रों में अपेक्षित प्रगति नहीं मिली, वहां गतिविधियों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।
सफाई, फॉगिंग और एंटी लार्वा छिड़काव पर जोर
बैठक में शहरी क्षेत्रों में नालियों की साफ-सफाई और फॉगिंग की स्थिति की समीक्षा की गई। वहीं ग्रामीण इलाकों में साफ-सफाई, झाड़ियों की कटाई, जलभराव समाप्त करने और एंटी लार्वा दवाओं के छिड़काव की प्रगति का जायजा लिया गया।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि अभियान के शेष दिनों में माइक्रोप्लान के अनुसार काम करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जाए। पशुपालन, आईसीडीएस और शिक्षा विभाग सहित अभियान से जुड़े अन्य विभागों के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
बुखार के मरीजों के उपचार और आभा आईडी पर भी फोकस
दस्तक अभियान के तहत आशा कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर भ्रमण, बुखार के मरीजों को समय पर उपचार एवं जरूरत पड़ने पर रेफरल, मच्छरों के प्रजनन स्थलों की पहचान और उन्हें समाप्त करने जैसी गतिविधियों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही फाइलेरिया से बचाव और आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट (आभा) आईडी बनाने के कार्यों की भी जानकारी ली गई।
स्वास्थ्य योजनाओं की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में आरसीएच पोर्टल, सुरक्षित मातृत्व, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) और जननी सुरक्षा योजना सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी ने नाराजगी जताई और संबंधित चिकित्सा अधीक्षकों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों (एमओआईसी) को कार्यप्रणाली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सभी अधिकारियों को योजनाओं की नियमित निगरानी करने और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा।
ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरविन्द सचान, नोडल अधिकारी डॉ. सुरेन्द्र कुमार, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अधीक्षक, जिला मलेरिया अधिकारी जीतेंद्र कुमार, संबंधित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।