मलेरिया के 436 और डेंगू के 22 मरीज चिन्हित, सीएमओ ने गांवों से स्वास्थ्य केंद्र तक परखी व्यवस्थाएं;
आचार्य संजीव कुमार मिश्रा • बरेली, बरेली • 28/10/2026, 9:13:36 am
संचारी रोगों की रोकथाम के लिए दिए सख्त निर्देश
बरेली जनपद में मच्छर जनित एवं संचारी रोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी और जनजागरूकता अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने विकासखंड मझगवां के संवेदनशील ग्राम मानपुर एवं रघुबीरपुर का स्थलीय निरीक्षण कर विशेष संचारी रोग नियंत्रण एवं दस्तक अभियान की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान गांवों में स्वच्छता व्यवस्था, नालियों की सफाई, एंटीलार्वा छिड़काव, फॉगिंग तथा ग्रामीणों को रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने की गतिविधियों की समीक्षा की गई। जनपद में अब तक मलेरिया के 436 और डेंगू के 22 मरीज चिन्हित होने के मद्देनजर रोगों की रोकथाम और समय रहते उपचार सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
गांवों में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ग्राम मानपुर एवं रघुबीरपुर में साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान नालियों की सफाई व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। उन्होंने ग्राम सचिव एवं ग्राम प्रधान को निर्देशित किया कि गांवों में स्वच्छता व्यवस्था निरंतर बनाए रखी जाए तथा नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। घरों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास गंदगी एवं जलभराव न होने देने के लिए भी आवश्यक कदम उठाने को कहा गया, ताकि मच्छरों के पनपने की संभावनाओं को कम किया जा सके।
एंटीलार्वा छिड़काव और फॉगिंग पर विशेष जोर
मच्छर जनित रोगों की रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ग्राम सचिव एवं ग्राम प्रधान को कार्ययोजना बनाकर साप्ताहिक एंटीलार्वा छिड़काव और फॉगिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि रोगों की रोकथाम के लिए केवल सफाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि मच्छरों के प्रजनन स्थलों को चिन्हित कर समयबद्ध कार्रवाई करना भी आवश्यक है। संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अभियान के अंतर्गत निर्धारित गतिविधियों को गंभीरता से पूरा करने तथा गांवों में नियमित निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए।
ग्रामीणों को किया जागरूक, बुखार होने पर तत्काल जांच कराने की अपील
निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ग्रामीणों से संवाद कर उन्हें संचारी रोगों से बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी सावधानी और जागरूकता से मच्छर जनित बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। ग्रामीणों से फुल आस्तीन के कपड़े पहनने, सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करने, घरों के आसपास पानी जमा न होने देने तथा अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई।
उन्होंने विशेष रूप से कहा कि बुखार आने पर उसे नजरअंदाज न करें, बल्कि तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचकर जांच कराएं। चिकित्सक की सलाह के अनुसार दवाओं का सेवन करें और निर्धारित उपचार का पूरा कोर्स लें। समय पर जांच एवं उपचार से बीमारी की गंभीरता को कम करने और संक्रमण के प्रसार पर नियंत्रण पाने में मदद मिलती है।
सीएचसी मझगवां में जांच एवं दवा उपलब्धता की समीक्षा
ग्रामों के निरीक्षण के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मरीजों की जांच व्यवस्था तथा दवाओं की उपलब्धता के संबंध में जानकारी प्राप्त की। स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लेते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि मरीजों को समय पर आवश्यक जांच और उपचार उपलब्ध कराया जाए। संचारी रोगों के लक्षण वाले मरीजों पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे रोग की पहचान कर समय रहते उपचार शुरू किया जा सके।
मलेरिया के 436 और डेंगू के 22 मरीज चिन्हित
जनपद में अब तक मलेरिया के 436 तथा डेंगू के 22 मरीज चिन्हित किए जा चुके हैं। इन आंकड़ों को देखते हुए संचारी रोगों की रोकथाम के लिए स्वच्छता, मच्छरों के नियंत्रण, समय पर जांच और जनजागरूकता की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संवेदनशील गांवों में अभियान की प्रगति पर निगरानी रखते हुए लोगों को बचाव के उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के भ्रमण के दौरान जिला मलेरिया अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मझगवां के अधीक्षक, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी, सहायक मलेरिया अधिकारी, मलेरिया निरीक्षक, बीपीएम, बीसीपीएम, ग्राम सचिव, ग्राम प्रधान, आंगनबाड़ी कार्यकत्री, आशा संगिनी, आशा कार्यकत्री सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य अभियान के माध्यम से गांवों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण करना और बुखार सहित संचारी रोगों के लक्षण दिखाई देने पर लोगों को तत्काल जांच एवं उपचार के लिए प्रेरित करना है। विभागीय प्रयासों के साथ ग्रामीणों की सहभागिता भी इस अभियान की सफलता के लिए अहम है। नियमित सफाई, जलभराव से बचाव, मच्छरों से सुरक्षा और समय पर उपचार अपनाकर ही जनपद में संचारी रोगों के प्रभावी नियंत्रण की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए जा सकते हैं।