PNB में 35 करोड़ की कथित हेराफेरी! FD तोड़कर दूसरे खातों में भेजी रकम, मैनेजर समेत 5 कर्मचारी सस्पेंड
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, — • 28/10/2026, 12:19:45 pm
ग्रेटर नोएडा: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की ऐच्छर गांव स्थित शाखा में करीब 35 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी का मामला सामने आने से हड़कंप मच गया है। आरोप है कि खाताधारकों की जानकारी या अनुमति के बिना उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) समय से पहले तोड़ दी गई और रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दी गई। मामला सामने आने के बाद बैंक के ब्रांच मैनेजर समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। शाखा में नए कर्मचारियों की तैनाती भी की गई है।
16 से ज्यादा शिकायतें, पुलिस और एंटी करप्शन टीम जांच में जुटी
27 और 28 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस मामले में बीटा-2 कोतवाली पुलिस को 16 खाताधारकों की शिकायतें मिली हैं। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। बैंक की विभागीय विजिलेंस और एंटी करप्शन टीम भी मामले की पड़ताल कर रही है। हालांकि, करीब 35 करोड़ रुपये की कथित हेराफेरी और प्रभावित खातों की कुल संख्या की अंतिम आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
ट्रांसपोर्टर के 25 लाख रुपये दूसरे खाते में भेजने का आरोप
ऐच्छर गांव निवासी ट्रांसपोर्टर विनीत भाटी ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि उनके 25 लाख रुपये दूसरे खाते में भेज दिए गए। विनीत के मुताबिक, वह म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए बैंक कर्मचारियों के संपर्क में आए थे। आरोप है कि बैंक मैनेजर के कहने पर चेक और संबंधित दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के बाद रकम उनके खाते में आने के बजाय किसी अन्य खाते में चली गई। उन्होंने पुलिस से रकम वापस दिलाने और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच करने की मांग की है।
94 लाख रुपये वाले खाते में बचे सिर्फ 16 हजार
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, एक अन्य खाताधारक गौतम ने बताया कि उनके पिता के खाते में पहले करीब 94 लाख रुपये जमा थे। जब परिवार को 50 हजार रुपये की जरूरत पड़ी और वे बैंक पहुंचे, तो खाते में लगभग 16 हजार रुपये ही बचे होने की जानकारी मिली। इसके बाद परिवार ने बैंक अधिकारियों से रकम कम होने का कारण पूछा और जांच की मांग की।
जमीन के मुआवजे की रकम में भी गड़बड़ी का आरोप
एक अन्य परिवार ने आरोप लगाया कि नोएडा एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण के बाद उनकी मां के खाते में करीब 1.29 करोड़ रुपये का मुआवजा आया था। परिवार के मुताबिक, लगभग 15 लाख रुपये निकालने के बावजूद खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम कम मिली। इसके अलावा कुछ खाताधारकों ने अपनी एफडी खत्म होने और बचत खातों से लाखों रुपये गायब होने की शिकायत भी की है।
बैंक ने कर्मचारियों को किया निलंबित, रकम वापसी पर नजर
मामले के सामने आने के बाद बैंक प्रबंधन ने ब्रांच मैनेजर समेत पांच कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है और शाखा में नया स्टाफ तैनात किया गया है। मीडिया रिपोर्टों में पुलिस के हवाले से बताया गया है कि बैंक की ओर से प्रभावित खाताधारकों की रकम वापस करने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, रकम वापसी की स्थिति और वास्तविक नुकसान को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
फिलहाल जांच में यह पता लगाया जाना है कि कितने खाताधारकों की रकम प्रभावित हुई, एफडी किन परिस्थितियों में तोड़ी गई और पैसा किन खातों में ट्रांसफर किया गया। जांच के निष्कर्षों से ही कथित हेराफेरी की वास्तविक रकम और जिम्मेदार लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।