यूपी में जल परिवहन को नई रफ्तार, 11 प्रमुख नदियों में नावों का पंजीकरण होगा अनिवार्य
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, लखनऊ • 28/10/2026, 5:59:17 pm
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जल परिवहन को सुरक्षित, व्यवस्थित और रोजगारपरक बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश मंत्रिमंडल ने 27 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली-2026 को मंजूरी दे दी। नई व्यवस्था के तहत गंगा, यमुना, सरयू और घाघरा समेत 11 प्रमुख नदियों में चलने वाली नावों और जलयानों का पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रावधान है।
नावों को मिलेगी अलग पंजीकरण संख्या
नई नियमावली के तहत इंजन से चलने वाले और पारंपरिक नावों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा जाएगा। इनके संचालन का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा और यात्री क्षमता के आधार पर पंजीकरण शुल्क निर्धारित होगा। गैर-यांत्रिक नावों के लिए 50 रुपये पंजीकरण शुल्क प्रस्तावित है।
यात्रियों और नाविकों की सुरक्षा पर जोर
नियमावली में नाविकों और यात्रियों के बीमा की व्यवस्था का भी प्रावधान है। जल परिवहन की निगरानी के लिए इनलैंड वाटर अथॉरिटी गठित करने की योजना है, जिसके अध्यक्ष परिवहन मंत्री होंगे। इसका उद्देश्य नाव संचालन को व्यवस्थित करना और दुर्घटनाओं की स्थिति में जवाबदेही तय करना है।
नदी पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का लक्ष्य नदियों के माध्यम से यात्री परिवहन, पर्यटन और माल ढुलाई की संभावनाओं को बढ़ाना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।
नियमावली लागू होने के बाद मौजूदा जलयानों को नए मानकों के अनुरूप ढलने के लिए 90 दिन का समय देने का प्रावधान भी रिपोर्ट किया गया है।