आजम खान को बड़ा झटका: जौहर यूनिवर्सिटी की 426 करोड़ की संपत्ति अटैच, बाजार मूल्य 1,170 करोड़ रुपये
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, रामपुर • 28/10/2026, 6:03:31 pm
रामपुर। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन और इमारतों को धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत अस्थायी रूप से अटैच किया है। अटैच की गई संपत्तियों का मूल्य 426.46 करोड़ रुपये बताया गया है, जबकि उनकी मौजूदा बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये आंकी गई है।
निर्माण लागत और घोषित खर्च में बड़ा अंतर
ईडी की जांच के मुताबिक, आयकर विभाग की मूल्यांकन रिपोर्ट में विश्वविद्यालय परिसर की 59 इमारतों की निर्माण लागत 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई थी। जमीन की कीमत जोड़ने पर कुल लागत 499.09 करोड़ रुपये बताई गई।
वहीं, ट्रस्ट ने वर्ष 2013-14 से 2024-25 तक के आयकर रिटर्न में 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च दिखाया था। ईडी ने जांच में खर्च के स्रोतों को लेकर अंतर पाया और 426.46 करोड़ रुपये की संपत्ति को कथित अपराध से अर्जित आय से संबंधित मानते हुए अटैच करने की कार्रवाई की।
सरकारी धन के इस्तेमाल के आरोपों की जांच
जांच एजेंसी सरकारी ठेकों की रकम, निर्माण सामग्री और विश्वविद्यालय परिसर में हुए निर्माण कार्यों के वित्तीय स्रोतों की पड़ताल कर रही है। ईडी का आरोप है कि सरकारी कार्यों के लिए निर्धारित संसाधनों का इस्तेमाल विश्वविद्यालय के निर्माण में किया गया। इन आरोपों की जांच जारी है।
रामपुर के सिंघनखेड़ा क्षेत्र में स्थित जौहर यूनिवर्सिटी मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट द्वारा संचालित है। आजम खान इस ट्रस्ट से जुड़े प्रमुख व्यक्ति हैं। ईडी ने इससे पहले अगस्त 2026 में विश्वविद्यालय और संबंधित परिसरों पर तलाशी भी ली थी।
क्या है अटैचमेंट का मतलब? संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच करना कानूनी कार्रवाई है, जिसका उद्देश्य जांच के दौरान संपत्ति के हस्तांतरण या निपटान पर रोक लगाना है। यह अपने आप में अंतिम दोषसिद्धि नहीं है। मामले में जांच जारी है।