बिहार: सर्पदंश से 10 साल के बच्चे की मौत, 20 घंटे तक झाड़-फूंक कराते रहे परिजन; अस्पताल पहुंचने में हुई देरी
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, खगड़िया • 29/10/2026, 11:08:31 pm
खगड़िया: बिहार के खगड़िया जिले के परबत्ता थाना क्षेत्र के शर्मा टोला में अंधविश्वास से जुड़ा एक मामला सामने आया है। सर्पदंश से 10 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद परिजन उसके दोबारा जीवित होने की उम्मीद में 20 घंटे से अधिक समय तक शव को घर में रखकर झाड़-फूंक कराते रहे। पुलिस और स्थानीय लोगों के समझाने के बाद गुरुवार दोपहर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
मृतक की पहचान राजमिस्त्री बमबम कुमार के बेटे सिद्धार्थ कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है।
खेलते समय सांप ने डसा
जानकारी के मुताबिक, बुधवार शाम करीब 4:30 बजे सिद्धार्थ गांव के भगवती मंदिर के पास खेल रहा था। इसी दौरान एक जहरीले सांप ने उसे डस लिया। आरोप है कि परिजन तत्काल अस्पताल ले जाने के बजाय झाड़-फूंक और कथित पारंपरिक उपचार में लग गए। बच्चे की हालत बिगड़ने पर उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, परबत्ता ले जाया गया।
डॉक्टर ने मृत घोषित किया
अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विनय कुमार के अनुसार, परिजन बुधवार शाम करीब 6:30 बजे बच्चे को लेकर पहुंचे थे। जांच के बाद चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। डॉक्टर ने बताया कि अस्पताल में सर्पदंश के उपचार के लिए एंटीवेनम उपलब्ध था। हालांकि, समय पर इलाज मिलने से बच्चे की जान बच सकती थी या नहीं, इसकी निश्चित पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं की जा सकती।
रातभर चली झाड़-फूंक, तांत्रिकों का करते रहे इंतजार
बच्चे को मृत घोषित किए जाने के बाद भी परिजन इस बात को स्वीकार नहीं कर पाए। वे शव को रहीमपुर स्थित भगवती मंदिर ले गए, जहां रातभर झाड़-फूंक कराई गई। इसके बाद शव को घर लाकर कोलकाता और कटिहार से तांत्रिकों के आने का इंतजार किया जाने लगा। परिजन फोन के जरिए भी उनसे संपर्क में थे और शव का अंतिम संस्कार तथा पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहे थे।
पुलिस के समझाने पर पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
मामले की जानकारी मिलने पर परबत्ता थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार, छात्र नेता सुशील, प्रशांत सुमन और आपदा मित्र ऋषि कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया। काफी मान-मनौव्वल के बाद गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने पर सहमति बनी। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर खगड़िया सदर अस्पताल भेज दिया।
सर्पदंश में समय पर इलाज बेहद जरूरी
यह घटना सर्पदंश के मामलों में तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की जरूरत को रेखांकित करती है। सांप के काटने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय गंवाने के बजाय मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना चाहिए। एंटीवेनम सहित आवश्यक उपचार केवल प्रशिक्षित चिकित्सकों की निगरानी में कराया जाना चाहिए।