शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप,आरोपी गिरफ्तार
राज प्रताप सिंह • कटरा खुदागंज, शाहजहांपुर • 29/10/2026, 11:10:50 pm
शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने का आरोप, पॉक्सो एक्ट का आरोपी गिरफ्तार
मिर्जापुर चौराहे के पास पुलिस ने की कार्रवाई, नाबालिग पीड़िता से जुड़े मामले में आरोपी को दबोचा
शाहजहांपुर। शादी का झांसा देकर नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाने, बाद में शादी से इनकार करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में मिर्जापुर थाना पुलिस ने एक 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) समेत भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तारी के बाद आरोपी के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में 26 अक्टूबर 2026 को मिली तहरीर के आधार पर ग्राम सिंगापुर निवासी आदित्य कुमार और अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। शिकायत में शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने, बाद में शादी से इनकार करने तथा जान से मारने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
विवेचना के दौरान पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाईं
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता की उम्र और उसके बयानों के आधार पर प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धाराएं भी बढ़ाईं। नाबालिग से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर उसकी तलाश शुरू की।
मुखबिर की सूचना पर मिर्जापुर चौराहे के पास गिरफ्तारी
पुलिस के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि मुकदमे में नामजद आरोपी मिर्जापुर चौराहे के पास मौजूद है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सुबह करीब 9:25 बजे आदित्य कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी के खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई में जुट गई। पुलिस ने बताया कि आरोपी को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। मामले में आगे की कार्रवाई विवेचना के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
नाबालिग से जुड़े मामलों में पुलिस की कार्रवाई
नाबालिग पीड़िता से संबंधित इस प्रकरण में पुलिस द्वारा पॉक्सो एक्ट की धाराएं बढ़ाए जाने के बाद कार्रवाई तेज की गई। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है। आरोपी के दोष और मामले के अन्य पहलुओं का निर्धारण न्यायालय में प्रस्तुत साक्ष्यों तथा कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होगा।