पीईटी परीक्षा को लेकर 30 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेजों में रहेगा शैक्षणिक अवकाश
राज प्रताप सिंह • कटरा खुदागंज, शाहजहांपुर • 30/10/2026, 8:11:45 am
पीईटी परीक्षा को लेकर 30 अक्टूबर को स्कूल-कॉलेजों में रहेगा शैक्षणिक अवकाश
डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने जारी किया आदेश, सभी बोर्ड के विद्यालयों और महाविद्यालयों पर लागू होंगे निर्देश
शाहजहांपुर। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 को सकुशल और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। परीक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने 30 अक्टूबर को जिले के सभी स्कूल-कॉलेजों में शैक्षणिक अवकाश घोषित करने के निर्देश जारी किए हैं। इस आदेश के बाद शुक्रवार को जिले के बेसिक, माध्यमिक और उच्च शिक्षा से जुड़े शिक्षण संस्थानों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियां संचालित नहीं होंगी।
जिलाधिकारी की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह अवकाश जिले के सभी बेसिक एवं माध्यमिक विद्यालयों पर लागू होगा। इसके साथ ही मान्यता प्राप्त सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्डों से संचालित विद्यालयों को भी आदेश के दायरे में शामिल किया गया है। जिले के सभी महाविद्यालयों में भी 30 अक्टूबर को शैक्षणिक अवकाश रहेगा। प्रशासन का उद्देश्य परीक्षा के दौरान व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखना और परीक्षा से संबंधित कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न होने देना है।
ड्यूटी वाले शिक्षक-कर्मचारियों को रहना होगा उपस्थित
हालांकि, जिलाधिकारी ने आदेश में स्पष्ट किया है कि परीक्षा संपन्न कराने के लिए जिन शिक्षकों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें अवकाश का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे शिक्षक एवं कर्मचारी निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर पहुंचकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। वहीं, जिन शिक्षकों और कर्मचारियों की परीक्षा संबंधी ड्यूटी नहीं लगाई गई है, उन्हें विद्यालय और महाविद्यालय पहुंचकर विभागीय एवं संस्थागत कार्यों का निस्तारण करना होगा।
सभी शिक्षण संस्थानों को पालन के निर्देश
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित विद्यालयों और महाविद्यालयों के प्रबंधकों, प्रधानाचार्यों तथा जिम्मेदार अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। किसी भी संस्थान की ओर से आदेश की अनदेखी न की जाए, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
पीईटी-2026 को लेकर जारी इस आदेश से जिले के विद्यार्थियों को एक दिन की शैक्षणिक गतिविधियों से राहत मिलेगी। हालांकि, परीक्षा और अन्य आवश्यक प्रशासनिक कार्यों से जुड़े शिक्षक-कर्मचारियों को अपनी निर्धारित जिम्मेदारियों का पालन करना अनिवार्य होगा।