रामगंगा में अवैध खनन की खबर का असर, देर रात खनन अधिकारी मनीष कुमार ने पकड़ी ट्रैक्टर-ट्रॉली
आचार्य संजीव कुमार मिश्रा • बरेली, बरेली • 30/10/2026, 4:26:18 pm
बरेली रामगंगा के शांत किनारों पर कथित अवैध खनन और बालू के अनधिकृत परिवहन को लेकर लगातार उठ रही आवाजों के बीच अब खनन विभाग की कार्रवाई से हलचल तेज हो गई है।
रामगंगा क्षेत्र में अवैध खनन की गतिविधियों को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद देर रात खनन विभाग ने कार्रवाई करते हुए थाना सुभाषनगर क्षेत्र के ग्राम चौबारी में बालू का परिवहन कर रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को पकड़ लिया।
बताया गया कि देर रात करीब दो बजे खनन अधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में टीम ने रामगंगा किनारे निगरानी के दौरान उक्त वाहन को पकड़ा। वाहन के संबंध में आवश्यक कार्रवाई के बाद उसे थाना सुभाषनगर पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। देर रात हुई इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध खनन और बालू परिवहन से जुड़े लोगों में खलबली मच गई।
दरअसल, सदर तहसील क्षेत्र के रौंदी, मिलक तथा रामगंगा के आसपास के क्षेत्रों से लंबे समय से अवैध खनन और बालू के परिवहन को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का आरोप रहा है कि शाम ढलते ही रामगंगा के किनारों पर जेसीबी, डंपर और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाजाही बढ़ जाती है तथा अंधेरे की आड़ में बालू के खनन एवं परिवहन का सिलसिला चलता है।
इन्हीं शिकायतों को गंभीरता से उठाता देख प्रशासन और खनन विभाग का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था। जिसके के बाद देर रात हुई कार्रवाई को क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है।
हालांकि, यह पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पूर्व भी अवैध खनन एवं बालू के अनधिकृत परिवहन के मामलों में खनन विभाग द्वारा दर्जनों वाहनों को सीज भी किए जाने की जानकारी सामने आती रही है। इसके बावजूद यदि रामगंगा के किनारों पर शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं तो यह प्रशासन के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
रामगंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि क्षेत्र की प्राकृतिक धरोहर और हजारों लोगों की आस्था एवं जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जलधारा है। इसके किनारों से यदि अनियंत्रित ढंग से खनन होता है तो नदी के प्राकृतिक स्वरूप, तटों और पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका रहती है। ऐसे में खनन विभाग की जिम्मेदारी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
देर रात हुई इस कार्रवाई ने यह संदेश जरूर दिया है कि शिकायतों और समाचारों के बाद विभाग सक्रिय होकर कार्रवाई कर सकता है। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या रामगंगा क्षेत्र में केवल छिटपुट कार्रवाई तक अभियान सीमित रहेगा या फिर रात-दिन नियमित निगरानी के साथ अवैध खनन पर स्थायी अंकुश लगाने के लिए व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि खनन विभाग और प्रशासन रामगंगा के किनारों की निगरानी और सघन करेंगे तथा अवैध खनन अथवा बालू परिवहन में संलिप्त पाए जाने वाले वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रखेंगे। देर रात पकड़ी गई ट्रैक्टर-ट्रॉली की कार्रवाई ने एक बार फिर यह उम्मीद जगाई है कि रामगंगा की प्राकृतिक सुंदरता और उसके शांत किनारों को अवैध खनन की गतिविधियों से बचाने के लिए जिम्मेदार विभाग अब और अधिक सक्रिय भूमिका निभाएंगे।