लखनऊ में ABVP का कॉकरोच जनता पार्टी के खिलाफ प्रदर्शन, 200 कार्यकर्ता जुटे; नेहा बोरा और ध्रुव राठी पर लगाए आरोप
विमलेश सिंह • , लखनऊ • 18/10/2026, 6:57:44 pm
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में रविवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और उससे जुड़े प्रदर्शनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लखनऊ विश्वविद्यालय के गेट नंबर-3 पर दोपहर करीब डेढ़ बजे हुए इस प्रदर्शन में लगभग 200 कार्यकर्ता शामिल हुए। हाथों में भगवा झंडे, गले में भगवा पटके और पोस्टर लेकर पहुंचे कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक संस्थाओं के समर्थन में नारेबाजी की और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग का विरोध किया।
'कॉकरोच पार्टी मुर्दाबाद' के लगाए नारे
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने 'लोकतांत्रिक संस्थानों पर हमला नहीं सहेंगे' और 'कॉकरोच पार्टी मुर्दाबाद' जैसे नारे लगाए। इसके अलावा 'तुम वामपंथ से तोड़ोगे, हम राष्ट्रवाद से जोड़ेंगे' के नारे भी सुनाई दिए।
प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और अन्य संगठनों की ओर से किए गए प्रदर्शनों पर सवाल उठाए। ABVP कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को अनुचित बताते हुए इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बनाने की कोशिश करार दिया।
नेहा बोरा, अभिजीत दीपके और ध्रुव राठी पर साधा निशाना
प्रदर्शन के दौरान ABVP कार्यकर्ताओं ने CJP से जुड़े अभिजीत दीपके, छात्र संगठन AISA की नेहा बोरा और यूट्यूबर ध्रुव राठी को लेकर भी आरोप लगाए। ABVP के अर्पण कुशवाहा ने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने नेहा बोरा को लेकर भी टिप्पणी की।
वहीं, बुंदेलखंड से आए सूर्य प्रताप सेंगर ने AISA पर छात्रों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने ध्रुव राठी और अभिजीत दीपके को लेकर भी सवाल उठाए। ये आरोप प्रदर्शनकारियों के बयान हैं; संबंधित लोगों का पक्ष इस रिपोर्ट के लिए उपलब्ध जानकारी में शामिल नहीं है।
क्या है कॉकरोच जनता पार्टी से जुड़ा विवाद?
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन दिनों मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में चर्चा में है। पार्टी और उसके समर्थकों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) तथा मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। उनका आरोप है कि मतदाता सूची में बदलाव से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
वहीं, निर्वाचन आयोग ने किसी राजनीतिक दल के पक्ष में काम करने के आरोपों को खारिज किया है। आयोग का कहना है कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटे हैं, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत दोबारा पंजीकरण करा सकते हैं। इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
सितंबर के अंतिम सप्ताह से CJP ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग तेज की थी। अक्टूबर में दिल्ली में इसके समर्थकों और अन्य संगठनों के प्रदर्शन भी चर्चा में रहे। 13 अक्टूबर को रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में प्रतिबंधित प्रदर्शन स्थल में प्रवेश करने के बाद CJP से जुड़े कुछ नेताओं को हिरासत में लिया गया था।
राजनीतिक विचारधारा को लेकर बढ़ी बहस
लखनऊ में ABVP का यह प्रदर्शन मतदाता सूची, चुनाव आयोग की भूमिका और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर चल रही व्यापक राजनीतिक बहस के बीच हुआ। एक ओर CJP और उसके समर्थक चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, तो दूसरी ओर ABVP जैसे संगठन इन प्रदर्शनों की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं।
फिलहाल, लखनऊ में हुए प्रदर्शन के संबंध में उपलब्ध रिपोर्ट में किसी अप्रिय घटना या पुलिस कार्रवाई का उल्लेख नहीं है। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर अपना विरोध दर्ज कराया।