खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से मचा हड़कंप, जांच टीम को देख बंद हुईं मिठाई की दुकाने
आचार्य संजीव कुमार मिश्रा • संपूर्ण भारत, बरेली • 3/11/2026, 1:59:23 am
‘दीप-3 स्वीट्स एंड बेकर्स’, देर शाम अधिकारियों ने खुलवाकर कारीगरों को निकाला और बेसन के लड्डू का नमूना भरा
बरेली फरीदपुर, दीपावली के पंचदिवसीय पर्व की रौनक के बीच मिठाइयों की शुद्धता और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की निगाहें लगातार तेज होती जा रही हैं। मिलावटखोरी की शिकायतों और त्योहार के दौरान बढ़ती मिठाइयों की मांग के बीच विभागीय टीमों द्वारा जनपद सहित प्रदेशभर में लगातार निरीक्षण, छापेमारी और नमूना संग्रह की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में फरीदपुर नगर में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई ने उस समय खासा हलचल पैदा कर दी, जब औचक निरीक्षण के लिए पहुंची टीम को एक मिठाई प्रतिष्ठान का मुख्य शटर बंद मिला और संचालक से संपर्क का प्रयास भी सफल नहीं हो सका।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 2 नवंबर 2026 को अपराह्न लगभग 3:50 बजे खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के निर्देश पर अमरोहा से फरीदपुर पहुंची खाद्य सुरक्षा अधिकारी मीरा सिंह की टीम ने नगर में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इसी दौरान टीम रोडवेज बस स्टैंड के निकट रानी साहब की कोठी स्थित दीप-3 स्वीट्स पर पहुंची। विभागीय कार्रवाई के अनुसार टीम के पहुंचने पर प्रतिष्ठान का शटर बंद मिला। टीम ने बाहर लगे विज्ञापन बोर्ड पर लिखा संपर्क करें पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया गया और बाद में मोबाइल बंद बताया गया।
टीम द्वारा प्रतिष्ठान संचालक को दुकान खोलकर जांच में सहयोग करने का संदेश भी भेजा गया, लेकिन विभागीय अधिकारियों के अनुसार कोई संतोषजनक जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद खाद्य सुरक्षा टीम ने आसपास के लोगों से प्रतिष्ठान के संबंध में जानकारी जुटाई। स्थानीय लोगों से पूछताछ में दुकान पर मिठाइयां एवं बेकरी उत्पाद तैयार कर बिक्री किए जाने की जानकारी मिलने के बाद विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्रतिष्ठान को सील कर दिया। मौके पर नोटिस भी चस्पा कर दिया।
कार्रवाई के दौरान एक और चिंताजनक स्थिति सामने आई। बताया गया कि प्रतिष्ठान के अंदर मिठाई तैयार कर रहे तीन कारीगर शटर बंद होने के कारण अंदर ही रह गए यह जानकारी सामने आने के बाद मामला तेजी से पूरे नगर में फैल गया और देखते ही देखते बड़ी संख्या में व्यापारी मौके पर एकत्र हो गए। व्यापारियों ने अधिकारियों से संपर्क कर अंदर फंसे कारीगरों को बाहर निकालने का अनुरोध किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देर शाम एसीएफ-2 राहुल सिंह भी फरीदपुर पहुंचे। वहीं शाहजहांपुर से अक्षय गोयल के नेतृत्व में विभागीय टीम भी मौके पर पहुंची। नगर पुलिस की मौजूदगी और व्यापारियों के समक्ष अधिकारियों ने सील किए गए प्रतिष्ठान को खुलवाया। इसके बाद अंदर मौजूद कारीगरों को बाहर निकाला गया। अधिकारियों द्वारा प्रतिष्ठान की जांच-पड़ताल की गई तथा बेसन के लड्डू का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा गया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान फरीदपुर नगर में व्यापारियों के बीच काफी हलचल रही। बड़ी संख्या में मिठाई विक्रेता और व्यापार मंडल से जुड़े लोग मौके पर पहुंचे और अधिकारियों से पूरे मामले में स्थिति स्पष्ट करने का आग्रह किया। विभागीय टीम ने भी व्यापारियों को स्पष्ट रूप से हिदायत दी कि त्योहार के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई, निर्धारित वजन और खाद्य सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।
गौरतलब है कि इससे एक दिन पूर्व 1 नवंबर को भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम फरीदपुर की खोया मंडी पहुंची थी टीम के पहुंचने की सूचना मिलते ही कुछ खोया विक्रेताओं द्वारा अपना खोया हटाने अथवा लेकर चले जाने की बात सामने आई थी। विभाग की लगातार सक्रियता से नगर में खाद्य कारोबारियों के बीच भी सतर्कता बढ़ गई है।
त्योहारों की मिठास में मिलावट का कड़वा रंग न घुले, इसी उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा जिले के विभिन्न क्षेत्रों में मिठाई, खोया, दुग्ध उत्पाद और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए जा रहे हैं। अधिकारियों द्वारा दुकानदारों को साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य पदार्थों को सुरक्षित तरीके से रखने, ग्राहकों को सही वजन देने और गुणवत्तापूर्ण सामग्री का प्रयोग करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
फरीदपुर में हुई इस कार्रवाई ने एक ओर जहां खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की सक्रियता को सामने रखा, वहीं दूसरी ओर यह संदेश भी दिया कि त्योहार की चमक तभी वास्तविक होगी, जब मिठास के साथ शुद्धता और विश्वास भी कायम रहे। विभागीय अधिकारियों ने संकेत दिया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।