वाह रे बरेली पुलिस! युवती ने लगाए दिल्ली ले जाकर दुष्कर्म और धर्म परिवर्तन के दबाव के गंभीर आरोप,
आचार्य संजीव कुमार मिश्रा • संपूर्ण भारत, बरेली • 3/11/2026, 7:49:58 am
एसएसपी से लगाई न्याय की गुहार; शिकायत से पहले ही तमंचे के मामले में अब्दुल रहमान को भेजा जा चुका था जेल
बरेली एक बेटी की आंखों में न्याय की उम्मीद, दिल में अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता और जुबां पर कथित प्रताड़ना की वह कहानी, जिसने पूरे मामले को गंभीर सवालों के घेरे में ला कर खड़ा कर दिया है। आपको बताते चलें कि भमोरा थाना क्षेत्र की एक युवती ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य को दो नवंबर 2026 को दिए प्रार्थना पत्र में गांव के ही अब्दुल रहमान पुत्र रमजानी, निवासी ग्राम सरदार नगर, थाना भमोरा, उम्र करीब 55 वर्ष, उसके भांजे सद्दाम तथा ग्राम प्रधान सरताज समेत कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
युवती के अनुसार, 21 अक्टूबर 2026 को करीब तीन बजे अब्दुल रहमान उसे कथित रूप से डरा-धमकाकर अपने साथ दिल्ली भगा ले गया। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया है कि उसे दिल्ली ले जाते समय उसके पास मौजूद करीब पांच लाख रुपये की नकदी तथा जेवर, जिनमें झुमकी और पायल शामिल हैं, भी साथ ले जाए गए। युवती का दावा है कि दिल्ली पहुंचने के बाद उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध एक स्थान पर रखा गया और वहां उसके साथ कथित रूप से दुष्कर्म किया गया।
वहीं शिकायत में युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि उसके ऊपर इस्लाम कबूल करने और धर्म परिवर्तन करने का दबाव भी बनाया गया। युवती के मुताबिक, वह किसी तरह कथित परिस्थितियों से निकलकर वापस बरेली पहुंची और इसके बाद उसने अपनी व्यथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के सामने रखी। उसने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोपियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
युवती ने आरोप लगाया कि वापस आने के बाद भी उसे और उसके परिवार को कथित रूप से लगातार धमकियां दी जा रही हैं। शिकायत में कहा गया है कि अब्दुल रहमान, उसका भांजा सद्दाम तथा ग्राम प्रधान सरताज की ओर से उस पर न्यायालय में अपने पक्ष में बयान देने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। युवती का यह भी दावा है कि उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। ऐसे में उसने पुलिस से स्वयं तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की गुहार लगाई है।
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम के बीच भमोरा पुलिस की 29 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति भी सामने आती है, जिसमें अब्दुल रहमान की गिरफ्तारी का कारण अवैध हथियार की बरामदगी बताया गया है। पुलिस के अनुसार 28 अक्टूबर 2026 की रात संदिग्ध व्यक्ति एवं वाहनों की चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर ग्राम मिलक मशारामपुर कट, बदायूं रोड के पास से अब्दुल रहमान पुत्र रमजानी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के मुताबिक तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक अवैध 12 बोर तमंचा और एक जिंदा 12 बोर कारतूस बरामद हुआ। इस संबंध में थाना भमोरा में मुकदमा अपराध संख्या 438/26, धारा 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया। पुलिस अभिलेख में उसके विरुद्ध मुकदमा अपराध संख्या 429/26, धारा 137(2), 352 तथा 351(2) बीएनएस के तहत दर्ज एक अन्य अभियोग का भी उल्लेख किया गया है।
सार्वजनिक की गई प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य के निर्देशन में अपराध एवं अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के क्रम में की गई। पुलिस अधीक्षक दक्षिणी के निर्देशन, क्षेत्राधिकारी आंवला के पर्यवेक्षण तथा थाना प्रभारी कुशलपाल सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक गौरव कुमार चौहान ने हेड कांस्टेबल मनमोहन सिंह, कांस्टेबल अनन्त त्यागी और कांस्टेबल अंकित कुमार के साथ कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
अब सवाल यह है कि दो नवंबर को एसएसपी के सामने पहुंची बेटी की शिकायत और 28 अक्टूबर को तमंचे के मामले में की गई पुलिस कार्रवाई के बीच सामने आ रहे आरोपों की पूरी सच्चाई क्या है? युवती ने जिन गंभीर आरोपों का उल्लेख अपने प्रार्थना पत्र में किया है, उनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी। वहीं पुलिस रिकॉर्ड में फिलहाल अब्दुल रहमान के विरुद्ध अवैध तमंचा बरामदगी के मामले में कार्रवाई दर्ज है।
एक ओर एक बेटी अपने साथ कथित रूप से हुई ज्यादती की कहानी लेकर न्याय के दरवाजे पर दस्तक दे रही है, तो दूसरी ओर पुलिस की ओर से सामने आया रिकॉर्ड हथियार बरामदगी की कार्रवाई को दर्शाता है। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच ही उन सवालों का जवाब दे सकती है, जो अब इस प्रकरण के साथ जुड़ते जा रहे हैं।
फिलहाल युवती ने एसएसपी अनुराग आर्य से यही उम्मीद जताई है कि उसकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी, दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई होगी और उसके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाएगी। अब निगाहें पुलिस की आगामी जांच और कार्रवाई पर टिकी हैं।