पत्रकार को बड़ी राहत: पत्नी के इलाज पर खर्च हुए 11.83 लाख रुपये चुकाएगी दिल्ली सरकार, हाईकोर्ट का आदेश
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, नई दिल्ली • 5/11/2026, 6:24:07 am
नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने एक पत्रकार को राहत देते हुए राज्य सरकार को उसकी पत्नी के निजी अस्पताल में इलाज पर खर्च हुए 11.83 लाख रुपये की प्रतिपूर्ति करने का निर्देश दिया है। अदालत ने दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सेवा निदेशक को आठ सप्ताह के भीतर यह राशि पत्रकार रविंदर गुप्ता को भुगतान करने का आदेश दिया है।
न्यायमूर्ति अमित महाजन ने कहा कि मान्यता प्राप्त पत्रकार रविंदर गुप्ता ने अपनी पत्नी के इलाज पर हुए खर्च की प्रतिपूर्ति का उचित आधार अदालत के सामने रखा है। उनकी पत्नी का इलाज सर गंगाराम अस्पताल और सर गंगाराम सिटी अस्पताल में कराया गया था।
सरकारी अस्पताल में सुविधा नहीं मिलने पर निजी अस्पताल में कराया इलाज
याचिकाकर्ता के मुताबिक, अगस्त 2021 में उनकी पत्नी की तबीयत खराब हो गई थी। वह उन्हें जीबी पंत अस्पताल लेकर गए, लेकिन वहां रक्त वाहिकाओं की सर्जरी (वैस्कुलर सर्जरी) की सुविधा उपलब्ध नहीं होने के कारण दूसरे अस्पताल जाने की सलाह दी गई। इसके बाद उन्हें पत्नी का इलाज निजी अस्पताल में कराना पड़ा।
कोविड अस्पताल घोषित होने को लेकर अदालत की अहम टिप्पणी
दिल्ली सरकार की ओर से दलील दी गई थी कि निजी अस्पताल में इलाज के खर्च की प्रतिपूर्ति तभी हो सकती है, जब सरकारी अस्पताल में हड़ताल हुई हो। केवल किसी सरकारी अस्पताल को कोविड अस्पताल घोषित कर देना हड़ताल के समान नहीं माना जा सकता।
इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि मरीज के नजरिए से दोनों परिस्थितियों का परिणाम समान हो सकता है। सरकारी अस्पताल में हड़ताल या उसे कोविड अस्पताल घोषित किए जाने के कारण सामान्य मरीजों को मिलने वाली ओपीडी और भर्ती सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को इलाज के लिए दूसरे अस्पताल का रुख करना पड़ता है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि भले ही हड़ताल और कोविड अस्पताल घोषित किए जाने के कारण अलग-अलग हों, लेकिन याचिकाकर्ता के लिए दोनों का परिणाम एक जैसा था। संबंधित समय उनकी पत्नी कोविड संक्रमित नहीं थीं, फिर भी उन्हें सरकारी अस्पताल में आवश्यक आपातकालीन उपचार नहीं मिल सका।
इसी आधार पर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को 11.83 लाख रुपये की चिकित्सा खर्च प्रतिपूर्ति आठ सप्ताह के भीतर करने का निर्देश दिया।