पांच मिनट में साबित कर दूंगा कि नरेंद्र मोदी देशद्रोही हैं: राहुल गांधी ने दी खुली बहस की चुनौती
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, संगरूर • 5/11/2026, 7:53:31 am
संगरूर में इंसाफ रैली के दौरान प्रधानमंत्री पर साधा निशाना, बोले- डोनाल्ड ट्रंप के नियंत्रण में काम कर रहे हैं मोदी
नई दिल्ली/संगरूर, 5 नवंबर। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देते हुए तीखा हमला बोला है। पंजाब के संगरूर में बुधवार को आयोजित कांग्रेस की 'इंसाफ रैली' को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनके साथ आमने-सामने बैठकर बहस करें तो वह पांच मिनट में साबित कर देंगे कि नरेंद्र मोदी देशद्रोही हैं।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री चाहें तो बहस के लिए किसी को भी निर्णायक बना सकते हैं। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और उद्योगपति गौतम अडाणी का नाम लेते हुए कहा कि उन्हें निर्णायक बनाने पर भी कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि बहस का स्थान भी प्रधानमंत्री अपनी पसंद से तय कर सकते हैं।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में काम कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिका के साथ प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। राहुल ने दावा किया कि अमेरिकी दबाव के चलते भारत के किसानों, छोटे कारोबारियों और देश के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले फैसले लिए जा रहे हैं।
संसद में माइक बंद करने का लगाया आरोप
राहुल गांधी ने संसद में चर्चा को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा के नेता संसद में बहस करने की बात करते हैं, लेकिन जब विपक्ष अपनी बात रखना चाहता है तो उसका माइक बंद कर दिया जाता है और उसे बोलने का मौका नहीं मिलता।
अमेरिका और अडाणी मामले का भी उठाया मुद्दा
रैली में राहुल गांधी ने अमेरिका के साथ व्यापार समझौते और उद्योगपति गौतम अडाणी से जुड़े अमेरिकी मामले का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रंप के दबाव में भारत के हितों से समझौता किया गया। हालांकि, ये सभी आरोप राहुल गांधी के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
भाजपा की ओर से भी आया जवाब
राहुल गांधी की बहस की चुनौती पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने पहले प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि उच्चस्तरीय बहस परिपक्व लोगों के बीच होती है। वहीं, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि सवाल पूछने के साथ दूसरे पक्ष का जवाब सुनने की जिम्मेदारी भी होती है।
राहुल गांधी के इस बयान के बाद प्रधानमंत्री और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी एक बार फिर तेज हो गई है।