हरदोई में कफ सिरप पीने से 4 साल की बच्ची की मौत, घर में रखी दादी की सिरप पीकर सो गई थी मासूम
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, हरदोई • 5/11/2026, 5:58:31 pm
हरदोई। जिले में कफ सिरप पीने के बाद चार साल की मासूम बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। बच्ची ने कथित तौर पर गलती से घर में रखी कफ सिरप पी ली थी। इसके बाद वह सोने चली गई। सुबह काफी देर तक नहीं जागने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी प्रभारी ने कफ सिरप की ओवरडोज को मौत की एक संभावित वजह बताया है।
मामला सांडी थाना क्षेत्र के परौड़ी गांव का है। जानकारी के मुताबिक, गांव निवासी सहाम (32) राजमिस्त्री का काम करते हैं। परिवार में पत्नी रहाना (28), बड़ी बेटी अलकाफिया (4) और दो साल की छोटी बेटी है। परिवार में सहाम की मां शबीना बेगम और भाई शादाब (30) भी रहते हैं।
बताया गया कि बुधवार शाम करीब 7:15 बजे परिवार के लोग एक रिश्तेदार के बेटे के नामकरण संस्कार में शामिल होने गए थे। इस दौरान अलकाफिया घर में बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी बीच उसने कमरे में रखी कोडेक्स कफ सिरप पी ली।
सिरप का ढक्कन बंद करने में परेशानी होने पर बच्ची बोतल लेकर अपनी दादी के पास पहुंची। दादी ने ध्यान नहीं दिया और ढक्कन बंद करके बोतल वापस कर दी। इसके बाद बच्ची सोने चली गई। परिजनों को लगा कि वह थककर सो गई है, इसलिए किसी ने उसे जगाने की कोशिश नहीं की।
गुरुवार सुबह करीब 10 बजे तक बच्ची नहीं जागी तो परिजन उसे गांव के डॉक्टर के पास ले गए। हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। मेडिकल कॉलेज में सुबह 11:45 बजे डॉक्टरों ने बच्ची को मृत घोषित कर दिया।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी प्रभारी डॉ. अमित आनंद के मुताबिक, बच्ची ने कफ सिरप की ओवरडोज ले ली थी। यह भी उसकी मौत की एक संभावित वजह हो सकती है।
बिना पोस्टमार्टम परिजनों को सौंपा गया शव
सीओ सिटी अजीत सिंह ने बताया कि परिजनों की आपसी सहमति से बिना पोस्टमार्टम कराए शव घर ले जाया गया। यदि परिजनों की ओर से शिकायत दी जाती है तो मामले की जांच कराई जाएगी।
पांच साल से कम उम्र के बच्चों को कफ सिरप देने पर केंद्र की एडवाइजरी
बच्चों में कफ सिरप के इस्तेमाल को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के महानिदेशालय स्वास्थ्य सेवा (DGHS) ने 3 अक्टूबर 2025 को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एडवाइजरी जारी की थी। इसमें दो साल से कम उम्र के बच्चों को खांसी-जुकाम की दवाएं नहीं देने और पांच साल से कम उम्र के बच्चों में इनके सामान्य इस्तेमाल से बचने की सलाह दी गई थी।
विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों को खांसी-जुकाम की दवा डॉक्टर की सलाह पर ही देनी चाहिए। दवा की मात्रा और खुराक का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। घर में रखी दवाएं बच्चों की पहुंच से दूर रखें, क्योंकि गलती से अधिक मात्रा में दवा पीना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
सावधानी: बच्ची की मौत का कारण पोस्टमार्टम या अन्य चिकित्सकीय जांच से पुष्ट नहीं हुआ है। इसलिए खबर में कफ सिरप की ओवरडोज को संभावित वजह ही बताया गया है, निश्चित कारण नहीं।