डीएम कार्यालय में घुसे सैकड़ों वकील, पुलिस से धक्का-मुक्की; विवाद बढ़ने पर डीएम ने जताया खेद
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, बिजनौर • 5/11/2026, 6:39:57 pm
वकील से कथित अभद्र व्यवहार को लेकर भड़का आक्रोश, कार्यालय के एल्यूमीनियम गेट का कांच टूटा
बिजनौर, उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में जिलाधिकारी कार्यालय पर बुधवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब सैकड़ों की संख्या में वकील डीएम कार्यालय पहुंच गए। बताया जा रहा है कि एक वकील के साथ जिलाधिकारी द्वारा कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किए जाने से अधिवक्ताओं में नाराजगी थी। देखते ही देखते मामला बढ़ गया और वकीलों ने डीएम कार्यालय में प्रवेश कर विरोध जताया।
पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की में डीएम कार्यालय के गेट में लगा कांच टूट गया। वकीलों ने जिलाधिकारी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके स्थानांतरण की मांग भी उठाई। हंगामे के कारण कलेक्ट्रेट परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और करीब दो घंटे तक कार्यालय का कामकाज प्रभावित रहा।
फरियादी के साथ पहुंचे थे अधिवक्ता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव अधिवक्ता रामेंद्र सिंह एक मृतक आश्रित से जुड़े मामले में एक महिला फरियादी के साथ डीएम कार्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि कार्यालय में जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह और अधिवक्ता के बीच बातचीत के दौरान विवाद हो गया। अधिवक्ता ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किए जाने और अपमानित करने का आरोप लगाया।
सैकड़ों वकील पहुंचे, पुलिस से हुई धक्का-मुक्की
घटना की जानकारी मिलते ही जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता डीएम कार्यालय पहुंच गए। देखते ही देखते करीब 150 से अधिक वकील वहां एकत्र हो गए और धरने पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। कुछ अधिवक्ताओं ने डीएम कार्यालय के अंदर जाने का प्रयास किया, जिन्हें रोकने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इसी दौरान पुलिस और अधिवक्ताओं के बीच धक्का-मुक्की हुई और गेट का शीशा टूट गया।
एसपी की मौजूदगी में हुई बातचीत, डीएम ने जताया खेद
स्थिति बिगड़ती देख एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिवक्ताओं से बातचीत कर मामले को शांत कराने का प्रयास किया। बाद में जिलाधिकारी उमेश प्रताप सिंह भी अधिवक्ताओं के बीच पहुंचे। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मामले में गलतफहमी हुई है। यदि उनके व्यवहार से अधिवक्ताओं को ठेस पहुंची है तो वह खेद जताते हैं।
इसके बाद बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और प्रशासन के बीच बातचीत हुई। करीब ढाई घंटे तक चले हंगामे के बाद अधिवक्ताओं का आक्रोश शांत हुआ और धरना समाप्त हो गया।
घटना के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। इस विवाद ने जिले के प्रशासनिक और अधिवक्ता समुदाय के बीच तनाव की स्थिति पैदा कर दी थी।