हरदोई में मिलावटखोरों पर FSDA का शिकंजा, 20 किलो सड़ी-गली और दूषित मिठाइयां मौके पर नष्ट
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, हरदोई • 6/11/2026, 12:13:31 am
हरदोई। त्योहारों के सीजन में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने जिले में अभियान तेज कर दिया है। गुरुवार शाम करीब 6:20 बजे विभागीय टीम ने रेलवेजगंज स्थित एक स्वीट्स प्रतिष्ठान से लगभग 20 किलो सड़ी-गली और दूषित मिठाइयां बरामद कर मौके पर ही नष्ट करा दीं। अभियान के दौरान जिले के छह प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और खाद्य पदार्थों के चार नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
अभियान के तहत मल्लावां क्षेत्र में नमकीन निर्माण इकाइयों का भी निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान एक इकाई में निर्धारित सीमा से अधिक कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल कर नमकीन बनाए जाने की जानकारी सामने आई। मौके पर गंदगी भी पाई गई। टीम ने नमकीन और बेसन के नमूने लेकर सुधार के लिए नोटिस जारी किया। वहीं, दूसरी इकाई में भी साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली और दूषित परिस्थितियों में नमकीन का निर्माण होता पाया गया। यहां से नमूना लेकर संचालक को सुधार संबंधी नोटिस दिया गया।
मिठान भंडारों का भी किया निरीक्षण
नुमाइश चौराहा स्थित एक मिठाई प्रतिष्ठान से पेड़े का नमूना लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। वहीं, नघेटा रोड स्थित एक अन्य मिठाई प्रतिष्ठान का निरीक्षण कर संचालक को साफ-सफाई बनाए रखने और खाद्य उत्पादों पर 'यूज बाय डेट' का पालन करने के निर्देश दिए गए।
रेलवेगंज क्षेत्र में एक अन्य मिठाई प्रतिष्ठान के निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को मिठाइयों में निर्धारित मात्रा से अधिक कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल नहीं करने की हिदायत दी गई।
मिलावटखोरी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
सहायक आयुक्त (खाद्य) कुमार गुंजन ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों में मिलावट किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। त्योहारों के दौरान लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
विभाग ने खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए हैं। जांच के लिए भेजे गए नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
संपादकीय सावधानी: दुकानों और संचालकों के नाम जानबूझकर शामिल नहीं किए गए हैं। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने से पहले किसी प्रतिष्ठान को मिलावट का दोषी बताना उचित नहीं होगा।