स्वच्छता, जनभागीदारी और प्रतिभाओं के सम्मान के साथ छावनी परिषद बरेली में ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान का भव्य समापन
आचार्य संजीव कुमार मिश्रा • बरेली, बरेली • 17/10/2026, 12:23:27 am
बरेली छावनी परिषद (Cantonment Board Bareilly) द्वारा आयोजित ‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान का समापन केवल एक औपचारिक समारोह नहीं था, बल्कि यह स्वच्छता, जनभागीदारी और बाल-मन की असीम प्रतिभाओं के एक खूबसूरत मिलन का भव्य उत्सव था। उत्साह, उमंग और प्रेरणा से सराबोर इस शाम में मुख्य अधिशासी अधिकारी (CEO) डॉ. तनु जैन ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थिति दर्ज कराकर कार्यक्रम की गरिमा को नई ऊँचाइयाँ प्रदान कीं।
इस गरिमामय आयोजन की आत्मा में यह भावना बसी थी कि स्वच्छता केवल एक प्रयास नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सुंदर कला है—एक ऐसा संकल्प, जो आम जनमानस को जागरूक करे, विद्यार्थियों के सपनों को निखारे और जन-जन की भागीदारी से स्वच्छता को एक अमर जन-आंदोलन का रूप दे।
खेल, सृजन और कबाड़ से 'जुगाड़': जब हुनर ने छुआ आसमान
अभियान के दौरान आयोजित विभिन्न स्पर्धाओं में जब नन्हें-मुन्नों और युवाओं ने अपनी ऊर्जा बिखेरी, तो पूरा परिसर तालियों की गूँज से सजीव हो उठा। विजेता प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि डॉ. तनु जैन ने अपने हाथों से पुरस्कार और पदक देकर सम्मानित किया:
खेलकूद की स्वर्णिम दौड़:
100 मीटर, 200 मीटर और रिले रेस की पटरियों पर जब विद्यार्थियों के कदम दौड़े, तो उसमें जीत से बढ़कर स्वच्छता के प्रति एक नया जुनून दिखाई दिया।
'कबाड़ से जुगाड़' (Best Out of Waste):
विद्यार्थियों ने अनुपयोगी और व्यर्थ समझी जाने वाली वस्तुओं में अपनी रचनात्मकता से नई जान फूंक दी। अपशिष्ट पदार्थों से सजी ये मनमोहक कलाकृतियाँ केवल कला का नमूना नहीं थीं, बल्कि प्रकृति-संरक्षण, पुनरुपयोग (Recycling) और पर्यावरण के प्रति उनके निश्छल प्रेम का प्रतीक थीं।
कला और अभिनय के रंगों में धुली स्वच्छता की पुकार
कार्यक्रम का सबसे भावुक और जीवंत आकर्षण आर.एन. टैगोर इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ रहीं। विद्यार्थियों द्वारा गाए गए स्वच्छता गीत की सुरीली तानों और ऊर्जावान नुक्कड़ नाटक के अभिनय ने हर दर्शक के हृदय को छू लिया।
अपने अभिनय से उन्होंने यह संदेश दिया कि
प्लास्टिक-मुक्त वातावरण और ठोस कचरा प्रबंधन केवल कागज़ी नियम नहीं, बल्कि हमारी धरती को स्वच्छ और हरा-भरा रखने का एक संवेदनशील दायित्व हैं। उनकी प्रस्तुति ने यह सीख दी कि सार्वजनिक स्थलों को अपना घर मानकर स्वच्छ रखना ही सच्ची नागरिकता है।
प्रेरणा की पावन सरिता: मुख्य अतिथि डॉ. तनु जैन का उद्बोधन
छावनी परिषद की मुख्य अधिशासी अधिकारी डॉ. तनु जैन ने विद्यार्थियों, शिक्षकों, प्रतिभागियों और परिषद के निष्ठावान कर्मचारियों के योगदान को सराहते हुए अपने विचार रखे:
"स्वच्छता केवल एक अभियान की समय-सीमा में बंधा कार्य नहीं है; यह हमारी सोच, हमारे संस्कारों और आत्मा की पवित्रता का सुंदर प्रतिबिंब है। किसी भी महा-अभियान की वास्तविक पूर्णता उसके मंच के सिमटने में नहीं, बल्कि जन-मन के आचरण में आने वाले स्थायी निखार में छिपी होती है। जब हमारे बच्चे स्वच्छता के इस दीप को लेकर आगे बढ़ते हैं, तब एक स्वस्थ, सुसंस्कृत और प्रकाशमान भारत का स्वप्न साकार होता है।"
उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन में अनुशासन, सामाजिक जुड़ाव और रचनात्मकता के संग सदैव आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।
एक अमर संकल्प के साथ विश्राम
‘स्वच्छता ही सेवा–2026’ अभियान का यह पड़ाव एक अंत नहीं, बल्कि एक नए युग का शुभारंभ था। समारोह का समापन इस पावन संकल्प के साथ हुआ कि स्वच्छता की यह अविरल धारा केवल किसी अभियान की तिथियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छावनी क्षेत्र के हर नागरिक के दिल की धड़कन और उसकी दैनिक जीवन-शैली का अभिन्न अंग बनकर सदैव बहती रहेगी।