एक दिन के लिए बदली तिलहर थाने की तस्वीर, मेधावी छात्राओं के हाथों में आई कमान
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, शाहजहांपुर • 20/10/2026, 4:18:57 pm
वंशिका गुप्ता बनीं थाना प्रभारी, अर्चना ने संभाली महिला हेल्प डेस्क; पुलिस की कार्यप्रणाली को करीब सेन जाना
कभी पुलिस थाने में शिकायत लेकर आने वाली छात्राओं ने जब एक दिन के लिए पुलिस अधिकारियों की कुर्सी संभाली, तो उनके चेहरे पर आत्मविश्वास और नेतृत्व का नया अंदाज नजर आया। मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत तिलहर पुलिस की इस अनूठी पहल ने न केवल छात्राओं को पुलिस की कार्यप्रणाली से रूबरू कराया, बल्कि महिला सुरक्षा और सशक्तीकरण का भी मजबूत संदेश दिया।
राजकीय कन्या इंटर कॉलेज, तिलहर की कक्षा 12वीं की दो मेधावी छात्राओं वंशिका गुप्ता और अर्चना को एक दिन के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं। वंशिका गुप्ता ने थाना प्रभारी की भूमिका निभाई, जबकि अर्चना ने महिला हेल्प डेस्क प्रभारी के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान दोनों छात्राओं ने जनसुनवाई कर आमजन की समस्याओं और उनके निस्तारण की प्रक्रिया को समझा।
थाने के कामकाज की बारीकियों से हुईं रूबरू
पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को थाने के जीडी कार्यालय, महिला हेल्प डेस्क, साइबर हेल्प डेस्क और बाल शिशु गृह का भ्रमण कराया। उन्हें बताया गया कि थाने में शिकायतें किस प्रकार दर्ज की जाती हैं, उन पर क्या कार्रवाई होती है और पुलिस आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए किस तरह काम करती है। इस अनुभव से छात्राओं को पुलिस की जिम्मेदारियों और चुनौतियों को करीब से जानने का अवसर मिला।
हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर किया जागरूक
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को महिलाओं एवं बालिकाओं के अधिकारों, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक किया गया। उन्हें वीमेन पावर लाइन 1090, महिला हेल्पलाइन 181, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076, एंबुलेंस सेवा 108 और आपातकालीन पुलिस सेवा 112 के उपयोग की जानकारी दी गई।
आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने की पहल
तिलहर पुलिस की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं में नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास विकसित करना, उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली से परिचित कराना तथा महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक बनाना रहा। मिशन शक्ति फेज-6.0 के माध्यम से शाहजहांपुर पुलिस महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन और सशक्तीकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है।
संदेश साफ है—बेटियां केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक ही नहीं, बल्कि नेतृत्व की जिम्मेदारी संभालने में भी सक्षम हैं।