नकाटिया की धारा में लौट रही जिंदगी, जल सुरक्षा की पहल बनी मिसाल
आचार्य संजीव कुमार मिश्रा • बरेली, बरेली • 20/10/2026, 4:49:31 pm
जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव जैगम अली खान ने किया नदी पुनर्जीवन कार्यों का निरीक्षण, छावनी परिषद के प्रयासों की सराहना
डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में नदी सफाई से आगे बढ़कर भूजल पुनर्भरण, हरितीकरण और दीर्घकालिक जल सुरक्षा पर जोर
बरेली कभी शहर और आसपास के क्षेत्र की प्राकृतिक पहचान का हिस्सा रही नकाटिया नदी अब पुनर्जीवन की नई कहानी लिख रही है। नदी की सूखती धारा में जीवन लौटाने और जल संरक्षण को भविष्य की सुरक्षा से जोड़ने के उद्देश्य से छावनी परिषद बरेली की ओर से किए जा रहे प्रयासों का शुक्रवार को भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के संयुक्त सचिव जैगम अली खान ने स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने नदी पुनर्जीवन स्थल का भ्रमण कर वहां चल रहे सफाई, जल संरक्षण, भूजल पुनर्भरण और हरितीकरण कार्यों की प्रगति को करीब से देखा।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त सचिव ने नदी के वर्तमान स्वरूप, जल संरक्षण के लिए विकसित की जा रही व्यवस्थाओं तथा पर्यावरणीय सुधार की दिशा में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने नकाटिया नदी को केवल एक जलधारा के रूप में नहीं, बल्कि भूजल, पर्यावरण और स्थानीय पारिस्थितिकी को संवारने वाली जीवनरेखा के रूप में विकसित करने के प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
नदी पुनर्जीवन के साथ जल सुरक्षा पर भी विशेष फोकस
मुख्य अधिशासी अधिकारी, छावनी परिषद बरेली डॉ. तनु जैन ने संयुक्त सचिव एवं उनकी टीम को नकाटिया नदी के पुनर्जीवन के लिए अब तक किए गए कार्यों और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नदी को स्वच्छ एवं जीवंत बनाने के साथ-साथ उसके आसपास हरित क्षेत्र विकसित करने, वर्षा जल को संरक्षित करने और भूजल स्तर को मजबूत करने के लिए समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं।
डॉ. जैन ने निरीक्षण दल को यह भी बताया कि नदी पुनर्जीवन अभियान में जनभागीदारी को महत्वपूर्ण आधार बनाया जा रहा है, ताकि यह प्रयास केवल सरकारी परियोजना बनकर न रह जाए, बल्कि आम नागरिकों के सहयोग से एक स्थायी जनअभियान का रूप ले सके।
कार्यालय में हुआ विस्तृत प्रस्तुतीकरण
निरीक्षण के बाद छावनी परिषद कार्यालय में डॉ. तनु जैन की ओर से विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। इसमें नकाटिया नदी पुनर्जीवन परियोजना के विभिन्न चरणों के साथ-साथ क्षेत्र में जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अपनाए जा रहे उपायों की जानकारी साझा की गई।
प्रस्तुतीकरण में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, नदी की स्वच्छता, हरितीकरण तथा पर्यावरणीय संतुलन से जुड़े प्रयासों को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। भविष्य की कार्ययोजना के तहत नदी के पारिस्थितिक स्वरूप को मजबूत करने और जल संसाधनों के दीर्घकालिक संरक्षण पर भी चर्चा की गई।
संयुक्त सचिव ने की प्रयासों की सराहना
संयुक्त सचिव जैगम अली खान ने नकाटिया नदी के पुनर्जीवन एवं जल संरक्षण की दिशा में छावनी परिषद द्वारा किए जा रहे समन्वित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विशेष रूप से डॉ. तनु जैन के नेतृत्व में संचालित नदी पुनर्जीवन, जल पुनर्भरण और जल सुरक्षा की पहलों को सकारात्मक एवं अनुकरणीय प्रयास बताया।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को निरंतरता के साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है, ताकि नदी पुनर्जीवन का प्रभाव लंबे समय तक दिखाई दे और क्षेत्र की जल आवश्यकताओं को भविष्य के लिए सुरक्षित किया जा सके। उन्होंने परियोजना के निरंतर क्रियान्वयन और उसके परिणामों को बनाए रखने पर भी जोर दिया।
सिर्फ सफाई नहीं, नदी के अस्तित्व को लौटाने का प्रयास
डॉ. तनु जैन ने स्पष्ट किया कि छावनी परिषद का उद्देश्य नकाटिया नदी की केवल सफाई तक सीमित नहीं है। इसके पीछे एक व्यापक सोच है—नदी की धारा में फिर से जीवन का प्रवाह लाना, भूजल को संजीवनी देना, वर्षा की हर बूंद को सहेजना और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित जल का आधार तैयार करना।
उन्होंने कहा कि नकाटिया नदी के पारिस्थितिक पुनर्जीवन, भूजल स्तर में सुधार, वर्षा जल के अधिकतम संरक्षण और दीर्घकालिक जल सुरक्षा को एक साथ जोड़कर एक समग्र एवं सतत मॉडल विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।