फर्रुखाबाद: प्रसव के बाद महिला की मौत, निजी अस्पताल में हंगामा; डॉक्टर दंपति पर लापरवाही के आरोप
संपादकीय डेस्क • मुख्यालय, फर्रुखाबाद • 22/10/2026, 10:14:36 pm
फर्रुखाबाद। जिले के मऊदरवाजा बाईपास स्थित एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 30 वर्षीय महिला की मौत से हड़कंप मच गया। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। परिजनों का यह भी आरोप है कि महिला की मौत के बाद डॉक्टर दंपति अस्पताल में ताला लगाकर वहां से चले गए।
बेटे को जन्म देने के बाद बिगड़ी महिला की हालत
मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम दनियापुर निवासी मौजी राम राजपूत की बेटी शशि प्रभा राजपूत का विवाह मैनपुरी जिले के रामनगर निवासी नीलेश के साथ हुआ था। परिजनों के मुताबिक, शशि प्रभा को दो दिन पहले रात करीब 11 बजे मऊदरवाजा बाईपास स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के लिए 50 हजार रुपये और खून चढ़ाने के लिए पांच हजार रुपये ऑनलाइन जमा कराए गए थे। ऑपरेशन के बाद महिला ने एक बेटे को जन्म दिया, लेकिन कुछ समय बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। परिजनों के अनुसार, डॉक्टरों ने इंजेक्शन लगाए और खून भी चढ़ाया, लेकिन महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ। आखिरकार शाम करीब पांच बजे उसकी मौत हो गई।
महिला की मौत के बाद परिजनों का हंगामा
महिला की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा करते हुए डॉक्टरों पर उपचार में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। परिजनों का कहना है कि महिला की मौत के बाद शव को अस्पताल के बाहर रखवा दिया गया। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टर दंपति अस्पताल बंद कर वहां से चले गए।
पुलिस मौके पर पहुंची, कार्रवाई का आश्वासन
घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अजब सिंह, वरिष्ठ उप निरीक्षक राजेश कुमार यादव और मेडिकल चौकी इंचार्ज रामकेश पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया। परिजनों के अनुसार, पुलिस ने शिकायत मिलने पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
हालांकि, आक्रोशित परिजनों ने डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए शव का पंचनामा भरवाने से इनकार कर दिया। पुलिस मामले को शांत कराने और परिजनों को समझाने में जुटी रही।
जांच के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजह
प्रसव के बाद महिला की हालत किन परिस्थितियों में बिगड़ी और उपचार के दौरान क्या हुआ, इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल, डॉक्टरों पर लगाए गए लापरवाही के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस की कार्रवाई, चिकित्सा रिकॉर्ड और जांच के निष्कर्ष अहम होंगे।
एक ओर परिवार ने अपनी बेटी खो दी, वहीं नवजात शिशु की मां की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।