हरदोई: महिलाओं पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष शराफत अली का विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब क्षत्रिय करणी सेना भी इस मामले में खुलकर सामने आ गई है। संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर शराफत अली के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी, जेल भेजने तथा कथित अवैध संपत्तियों की जांच कराने की मांग की है।
करणी सेना के जिलाध्यक्ष धनराज सिंह उर्फ राजा ठाकुर जरौआ के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि वायरल वीडियो में पूर्व सांसद ऊषा वर्मा, पूर्व विधायक राजेश्वरी देवी समेत कई महिला जनप्रतिनिधियों के खिलाफ अमर्यादित एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया। संगठन का कहना है कि यह केवल कुछ महिलाओं का नहीं, बल्कि पूरे महिला समाज के सम्मान का विषय है और दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
गौरतलब है कि कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राजनीतिक हलकों में भी हलचल मच गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए समाजवादी पार्टी ने शराफत अली को जिलाध्यक्ष पद से हटा दिया था तथा हरदोई की जिला कार्यकारिणी को भी भंग कर दिया था। वहीं पूर्व सांसद ऊषा वर्मा ने भी इस मामले पर कड़ी नाराजगी जताई थी।
अब करणी सेना की मांगों के बाद मामला और अधिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है। संगठन ने स्पष्ट कहा है कि केवल राजनीतिक कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि कानूनी कार्रवाई भी आवश्यक है। ऐसे में अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

